मुजफ्फरपुर जिले में चमकी बुखार (एईएस) के आंकड़े फिर से बढ़ने लगे हैं। बुखार से प्रभावित दर्जनों बच्चे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराए गए हैं। मुजफ्फरपुर के SKMCH मेडिकल कॉलेज में अब तक एक दर्जन केस AES के मामले सामने आने के बाद और मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गई। इसके बाद से क्षेत्र निगरानी करने के और जन जागरुकता का अभियान को तेज करने का निर्देश दिया गया है।
जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम अब चमकी बुखार यानी एईएस से प्रभावित सबसे ज्यादा एपीसेंटर वाले क्षेत्र में जन जागरुकता को और भी तेज करने जा रही है। इसके साथ वहां पर ORS दवाओं के साथ अन्य मेडिकल सुविधाओं को भी उपलब्ध कराया गया है। ज्यादा गंभीर मामले को गंभीरता से देख कर अब सभी प्रखंड में वाहनों को टैग किया गया है, ताकि बुखार से प्रभावित क्षेत्र में बच्चे को ले जाने के लिए उपलब्ध करवाई गई है। गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया जाएगा, जिसमें जिले के मेडिकल कॉलेज में 110 बेड का आईसीयू वेस्ड पीकू बनाया गया है।
यह भी पढ़ें: बिहार के इस जिले में थाने का वाहन चालक ही निकला गांजा तस्कर, गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
चमकी बुखार को लेकर सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ में मामले भी बढ़े हैं। हम लोग इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी किए हैं। खासकर सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र के लिए विशेष नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही दवाओं की भी सभी उपलब्धता करवाई गई है।
यह भी पढ़ें: ढाई करोड़ की हेरोइन के साथ उत्तर प्रदेश के दो तस्कर गिरफ्तार, यहां करनी थी डिलीवरी
वाहनों को टैग किया गया है और वहीं इसके साथ-साथ ही अतिरिक्त डॉक्टरों को ड्यूटी में लगाया गया है। हम लोगों ने अपनी तैयारी को और भी मजबूत कर दिया है। ताकि जिले में कोई भी बच्चे की मौत चमकी बुखार से न हो। अभी जिले में कुल 12 केस सामने आए हैं, जिसमें 11 केस मुजफ्फरपुर जिले के और एक केस दूसरे जिले का बताया गया है।