बेतिया में गंडक नदी में बुधवार सुबह एक बड़ा नाव हादसा हुआ, जिसमें 20 लोगों की जान पर बन आई। नाव पत्थर से टकराकर दो हिस्सों में बंट गई, लेकिन स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की तत्परता से सभी सवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह घटना बगहा पुलिस जिले के गुड़िया पट्टी क्षेत्र में सुबह 10:20 बजे हुई।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, नाव अग्रवाल वाटिका घाट से गंडक नदी के दूसरे किनारे की ओर जा रही थी। कोहरे की वजह से दृश्यता बेहद कम थी, जिससे नाव का नियंत्रण बिगड़ गया और वह किनारे के पास एक बड़े पत्थर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नाव दो हिस्सों में टूट गई। हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए सभी सवारों को सुरक्षित बचा लिया।
स्थानीय लोगों की सूझबूझ से बची जानें
हादसे के दौरान नदी किनारे मौजूद गोताखोरों और ग्रामीणों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अगर यह हादसा नदी के बीच धार में हुआ होता, तो घने कोहरे के कारण बचाव कार्य में भारी मुश्किलें आ सकती थीं और कई लोग डूब सकते थे।
कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे का मुख्य कारण घना कोहरा था, जिसकी वजह से नाविक को पत्थर दिखाई नहीं दिया। कोहरे की चादर ने दृश्यता बेहद सीमित कर दी थी, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया और यह दुर्घटना हो गई।
लगातार हो रहे हादसे, प्रशासन की अनदेखी
बगहा क्षेत्र में नाव हादसे लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी के चलते अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। पिछले महीने हुए एक अन्य हादसे में एक व्यक्ति लापता हो गया था, जिसका शव अब तक बरामद नहीं हुआ है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
स्थानीय लोगों का कहना है कि नावों का संचालन बिना किसी सुरक्षा मानकों के हो रहा है। लाइफ जैकेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का अभाव है, जिससे हर यात्रा में जान का जोखिम बना रहता है। प्रशासनिक उदासीनता के चलते नाविक और यात्री दोनों ही अपनी सुरक्षा के प्रति लापरवाह बने हुए हैं।
प्रशासन से मांग
हादसे के बाद स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई और नाव परिचालन के लिए सुरक्षा मानकों को लागू करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।