बिहार के बीजेपी के कोर वोटर के रूप में रही भूमिहार समाज की उपेक्षा करना राजनीतिक दलों को महंगा पड़ेगा। बीजेपी के नेता और पूर्व मंत्री अजीत कुमार के घर पर आज कई जिला के भूमिहार समाज के लोगों ने एक साथ निर्णय किया है। जिसमें कहा गया कि बीजेपी इस गंभीर मसले पर पुनर्विचार करे और जो उनकी (भूमिहार) परंपरागत सीट रही है, उस सीट पर उन्हें उसका वाजिब हक दे। ऐसे में समाज उनका (भाजपा) साथ देगा और यदि बीजेपी इस मसले पर पुनर्विचार नहीं करती हैं तो हम इसके लिए अधिकृत होंगे और निर्णय लेंगे।
बिहार में भूमिहार की उपेक्षा का आरोप
बता दें कि कल मुजफ्फरपुर के सांसद अजय निषाद ने बगावती सुर अपनाया था, अब यहां आज वैशाली लोकसभा के कांटी के पूर्व विधायक और वर्तमान भाजपा नेता अजीत कुमार ने सैंकड़ों समर्थकों के साथ एक सभा का आयोजन कर भाजपा से बड़ी मांग कर दी है। बता दें कि अजीत कुमार ने सीधे तौर पर भाजपा द्वारा बिहार में भूमिहार की उपेक्षा का आरोप लगाया है और अब अपने शीर्ष नेतृत्व से कहा है कि यदि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व हमारी मांगों पर विचार नहीं करता है, तब भूमिहार ब्राह्मण सामाजिक फ्रंट का जो निर्णय होगा वह सभी कार्यकर्ताओं को मान्य होगा।