बिहार में बढ़ती बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे को लेकर कांग्रेस की युवा इकाई ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी सिलसिले में इंडियन यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई ने 'पलायन रोको, नौकरी दो' पदयात्रा की शुरुआत पश्चिमी चंपारण के ऐतिहासिक भितरवा आश्रम से की। इस यात्रा का नेतृत्व यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्हैया कुमार, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष सूरज यादव, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह और प्रदेश प्रभारी कृष्ण अलावरू कर रहे हैं।
यात्रा की शुरुआत से पहले आयोजित जनसभा में कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में पढ़ाई, कमाई, दवाई और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब तो हालात यह हैं कि बिहार के लोगों को हनीमून मनाने तक के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता है।
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सरकारी तंत्र पर किया करारा प्रहार
कन्हैया कुमार ने बिहार में परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और सरकारी तंत्र की विफलता पर भी करारा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि पहले के जमाने में डाकखानों से लव लेटर लीक होते थे, अब बिहार में हर प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है। यहां सब कुछ ठेके पर चल रहा है चाहे शिक्षा हो, रोजगार हो या स्वास्थ्य व्यवस्था।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की मौजूदा सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है और उन्हें रोजगार देने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और पलायन के कारण राज्य के 14 करोड़ लोग प्रभावित हो रहे हैं।
युवाओं के मुद्दों को लेकर जमीन पर उतरी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी पदयात्रा के दौरान राज्य सरकार पर हमला बोला कि कांग्रेस शासनकाल में बिहार में जिन उद्योगों की स्थापना की गई थी, वे एक-एक कर बंद होते चले गए। मौजूदा सरकार ने नए उद्योग लगाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी बिहार की सबसे बड़ी समस्या है, लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं है।
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यात्रा के जरिए युवाओं से संवाद की पहल
नेताओं ने बताया कि यह पदयात्रा राज्य के विभिन्न जिलों से होकर गुजरेगी, जहां वे युवाओं और छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याएं समझेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। कन्हैया कुमार ने चुनाव लड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार कर कहा कि उनका फोकस इस वक्त केवल इस जन आंदोलन पर है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाना है। अगर सरकार अब भी नहीं चेती, तो युवा खुद अपना जवाब देंगे।