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Bihar: साइबर ठगों के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 8.33 करोड़ की ठगी का खुलासा; चार गिरफ्तार

Thu, 07 Aug 2025 07:09 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर

सार

Bihar: गिरफ्तार किए गए ठगों में अभिषेक पांडेय, कृष्णा कुमार सिंह और विक्रम कुमार सिंह तथा गुड्डू कुमार शामिल हैं। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने गुड्डू कुमार को उसके गांव से गिरफ्तार किया और उसके पास से बड़ी मात्रा में साइबर अपराध में प्रयुक्त उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगों के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देशभर में इनवेस्टमेंट फ्रॉड, गेमिंग फ्रॉड और एनजीओ के नाम पर फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस की यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’ के तहत की गई है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश अभी जारी है।

यह मामला तब सामने आया जब अहियापुर थाना क्षेत्र के मेडिकल ओवरब्रिज के पास स्थित एक होटल में तीन युवकों के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि तीनों युवक साइबर ठग हैं, जो एक्सिस बैंक से संचालित एक फर्जी एनजीओ ‘राम प्यारी नंदलाल सेवा संस्थान’ के माध्यम से अब तक करीब 8 करोड़ 33 लाख रुपये की साइबर ठगी कर चुके हैं। उनके बीच कमीशन के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की और पूरे मामले का खुलासा हुआ।

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गिरफ्तार किए गए ठगों में अभिषेक पांडेय, कृष्णा कुमार सिंह और विक्रम कुमार सिंह तथा गुड्डू कुमार शामिल हैं। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने गुड्डू कुमार को उसके गांव से गिरफ्तार किया और उसके पास से बड़ी मात्रा में साइबर अपराध में प्रयुक्त उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए।

जब्त सामान में फर्जी आधार बनाने वाले उपकरण, बायोमेट्रिक फिंगर स्कैनर, रेटिना स्कैनर, वेब कैमरा, लैपटॉप, एनरोलमेंट पावती रसीदें, छह मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, अलग-अलग बैंकों के छह डेबिट कार्ड, दो चेकबुक, एक पासबुक, चार पैन कार्ड, तीन आधार कार्ड, चार फर्जी एनजीओ की मुहरें, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक वोटर आईडी, एक वाहन का आरसी, एक घड़ी, छह आधार नामांकन की रसीदें, तीन मिंत्रा कंपनी के फिंगरप्रिंट स्कैनर और एक लाइव स्कैनर फिंगरप्रिंट/आईडेंटिफिकेशन फ्लैट डिवाइस शामिल हैं।

साइबर पुलिस के डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से जब्त मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जांच के दौरान देशभर के विभिन्न राज्यों से अब तक 20 से अधिक साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह गिरोह एक बड़े नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था और इनके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। ऑपरेशन साइबर प्रहार के तहत इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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