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Bihar News: जनता दरबार में आत्मदाह किया, नहीं बची जान; किस बात की फरियाद लगाकर थक गया था बुजुर्ग

Thu, 11 Jul 2024 01:30 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर

सार

Suicide against Government : बिहार में सरकारी तंत्र के रवैये के खिलाफ आत्मदाह का मामला सामने आया है। 60 साल के शख्स ने सरकारी दफ्तरों और अफसरों के चक्कर लगाने के बाद मुजफ्फरपुर डीएम के जनता दरबार में पेट्रोल छिड़क खुद को आग लगा ली थी।
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गमजदा परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर जिले में डीएम के जनता दरबार में बीते दिनों गुहार लगा रहे एक व्यक्ति ने पेट्रोल डालकर खुद को आग के हवाले कर दिया था। जिसकी आज SKMCH में इलाज के दाैरान मौत हो गई है। बता दें कि देर शाम से मृतक की तबियत खराब होती जा रही थी।

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घटना की जानकारी के बाद मृतक के परिजनों में चीख पुकार मच गई तो लोगों ने जमकर हंगामा किया और प्रशासन को मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। मामले की जानकारी के बाद मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी पश्चिम बृजेश कुमार डीएसपी नगर 2 विनीता सिंह और कांति थाने के पुलिस सहित कई पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा जताया।

मृतक 60 वर्षीय बिंदा लाल गुप्ता के पुत्र नीतीश कुमार ने बताया कि पिता बीते 4 साल से प्रखंड कार्यालय से लेकर थाना का चक्कर काट रहे थे। जमीन पर कब्जा दिलाने को लेकर अधिकारियों की लापरवाही से उनकी मौत हो गई। कांटी थाना की पुलिस और कांटी प्रखंड कार्यालय के अंचल अधिकारी सभी इस मामले को अगर गंभीरता से लिए होते तो शायद पिता की मौत नहीं होती। 

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मुजफ्फरपुर के जिला कलेक्ट्रेट में आत्मदाह करने वाले बिंदालाल गुप्ता की SKMCH में मौत का मामला मानवाधिकार आयोग पहुँच गया है। मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी याचिका दायर कर मामले में न्यायिक जाँच की माँग की है।

जानिए क्या था मामला 
घटना के संबंध में परिजनों का कहना है कि जमीन पर दखल-कब्जा नहीं मिलने से परेशान होकर छह दिन पूर्व में ही कलेक्ट्रेट में आत्मदाह करने वाले कांटी कस्बा के बिंदालाल गुप्ता की बुधवार की देर रात करीब साढ़े 12 बजे एसकेएमसीएच में मौत हो गई।वर्ष 2014 में उसे तीन डिसिमल जमीन भू-हदबंदी से प्राप्त हुई थी। परिजनों का आरोप है कि वह जिस जमीन पर वह घर बनाना चाहता था। लेकिन, पड़ोसी उक्त जमीन पर उसे दखल कब्जा करने नहीं करने दे रहे थे। वर्ष 2020 में उस पर घर बनाने का प्रयास किया तो आरोपी पड़ोसी ने झोपड़ी गिरा दिया।  जिसके बाद से आला अधिकारियों तक गुहार के ही बाद भी उसे जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा था। कई बार कार्यालयों का चक्कर लगाते-लगाते वह परेशान हो गए थे।जिसके बाद से शुक्रवार की दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंच करके उन्होंने शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग ए हवाले कर दिया।
 
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