वैशाली जिले में गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में हो रही बेतहाशा वृद्धि ने वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में एक बार फिर बाढ़ का भीषण खतरा पैदा कर दिया है। पिछले 15 दिनों से अधिक समय तक बाढ़ का दंश झेलने के बाद लोगों ने अभी राहत की सांस ली ही थी कि इस मानसून सीजन में तीसरी बार पानी रिहायशी इलाकों में घुसने से पूरे क्षेत्र में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है। बाढ़ के इस नए प्रकोप ने प्रखंड की जीवन रेखा को पूरी तरह जाम कर दिया है।
थाना परिसर और मुख्य बाजार जलमग्न
संपर्क कटा, जान जोखिम में डालकर आवाजाही
सिक्स लेन पुल के पाया नंबर 28-29 के पास हुए जलजमाव के कारण जफराबाद-जहांगीरपुर के सैकड़ों ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह कट गया है। मजबूरी में लोग ट्रैक्टर और पिकअप के सहारे अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। बिंदा मार्केट के स्थानीय दुकानदार सुमन कुमार ने पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि बमुश्किल 15 दिन पहले दुकानें खुली थीं कि बाढ़ का पानी फिर लौट आया, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक नावों का परिचालन शुरू नहीं किया गया है।
इस सीजन में यह तीसरी बार है, जब बाढ़ का पानी प्रहार कर रहा है। पिछली बाढ़ में प्रखंड की 20 पंचायतों के 76 गांव प्रभावित हुए थे। ताजा स्थिति के तहत इस बार चकसिंगार, रामपुर करारी, बरारी, लंका टोला, श्रीनगर, विश्राम टोला, वीरपुर, जफराबाद, हिम्मतपुर, तेरसिया और सरायपुर समेत दर्जनों गांवों में पानी प्रवेश कर चुका है।
प्रशासनिक दौरा और राहत राशि को लेकर आक्रोश
दूसरी ओर, सरकार द्वारा घोषित 7 हजार रुपये की बाढ़ राहत राशि समय पर न मिलने से ग्रामीणों में जिला प्रशासन के प्रति तीव्र आक्रोश है। समाजसेवी अर्जुन कुमार ने बताया कि जफराबाद टोक और जहांगीरपुर पंचायत के लोगों को सिक्स लेन पुल से गांव आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। लोग ट्रैक्टरों से आने को विवश हैं, जहां चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूला जा रहा है। उन्होंने अंचल और जिला प्रशासन से तत्काल आवागमन सुचारू करने और नावें चलवाने की जोरदार मांग की है।
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शिक्षा व्यवस्था पर भी गहराया संकट
सबसे बुरा असर चकसिंगार, तेरसिया, सरायपुर और जफराबाद टोक पंचायतों पर पड़ा है, जहां के सभी विद्यालय पूरी तरह बंद हैं। इसके अलावा पहाड़पुर, राघोपुर और रामपुर के कई स्कूल भी इसकी चपेट में हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने प्रभावित स्कूलों के शिक्षकों को नजदीकी सुरक्षित विद्यालयों में टैग कर दिया है। हालांकि, पूर्व निर्धारित अवकाश के चलते स्कूल पहले से ही बंद हैं और अब पांच अक्तूबर को खुलेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है तथा जलस्तर सामान्य होते ही पठन-पाठन सुचारू रूप से पुनः आरंभ किया जाएगा।