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Bihar: हाजीपुर में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधि, दो वीक्षक और केंद्राधीक्षक पर एफआईआर

Mon, 29 Jun 2026 03:26 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

हाजीपुर में बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान उत्तरों की पर्ची मिलने पर दो वीक्षक संदिग्ध पाए गए। आरोप है कि केंद्राधीक्षक ने दोनों को वहां से जाने दिया। मामले में तीन लोगों के खिलाफ काजीपुर थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।

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फाईल फोटो समाणालय
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विस्तार
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वैशाली जिले के हाजीपुर में केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार, पटना द्वारा आयोजित बिहार पुलिस, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, बिहार पुलिस दूरसंचार (वितंतु) तथा तकनीकी अराजपत्रित संवर्ग में सिपाही प्रचालक पद की लिखित परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधि सामने आई है। मामले में दो वीक्षक और केंद्राधीक्षक समेत तीन लोगों के खिलाफ काजीपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

हाजीपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी एवं परीक्षा केंद्र पर प्रतिनियुक्त स्टैटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार ने वीक्षक मुकुल कुमार, सचिन कुमार तथा केंद्राधीक्षक डॉ. आराधना के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

एफआईआर के अनुसार, रविवार को नोबेल क्रिएटिव एकेडमी, वासुदेवपुर चपुता परीक्षा केंद्र पर परीक्षा समाप्त होने के बाद जोनल दंडाधिकारी तनुजा, पुलिस अवर निरीक्षक प्रमोद सिंह और स्टैटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार जब कक्ष संख्या-1 में पहुंचे तो वहां दो वीक्षक संदिग्ध गतिविधि करते हुए दिखाई दिए।

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जांच के दौरान वीक्षक मुकुल कुमार के हाथ से एक कागज बरामद हुआ, जिस पर 1 से 100 तक प्रश्नों के संभावित उत्तर लिखे हुए थे। अधिकारियों ने उक्त कागज को अपने कब्जे में ले लिया और दोनों वीक्षकों से पूछताछ के लिए उन्हें केंद्र कार्यालय में बैठाया।

आरोप है कि इसी दौरान केंद्राधीक्षक डॉ. आराधना वहां पहुंचीं और अधिकारियों से बहस करते हुए दोनों वीक्षकों को वहां से जाने दिया। अधिकारियों के बार-बार कहने के बावजूद उन्होंने दोनों वीक्षकों को दोबारा उपस्थित नहीं कराया। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि केंद्राधीक्षक ने थाने में शिकायत दर्ज कराने से भी इनकार कर दिया और घर चली गईं।

स्टैटिक दंडाधिकारी ने आरोप लगाया है कि दोनों वीक्षकों की संदिग्ध गतिविधियों में केंद्राधीक्षक की मिलीभगत प्रतीत होती है। इसी आधार पर मुकुल कुमार, सचिन कुमार, डॉ. आराधना तथा अन्य के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में काजीपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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