मोतिहारी में पुलिस का एक कलंकित चेहरा सामने आया है। जालसाजी के आरोपितों के घर छापेमारी करने गई पुलिस टीम के ही चार सिपाहियों पर कैश चोरी करने का आरोप लगा है। मामले के सामने आने के बाद सभी चारों सिपाहियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
यह घटना गोविंदगंज थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी मोहनजी गुप्ता से कुछ जालसाजों ने सस्ते दाम पर सोना उपलब्ध कराने का झांसा देकर गोविंदगंज थाना क्षेत्र के रढियां गांव बुलाया था। वहां आरोपितों ने उनसे कैश और मोबाइल लूट लिया। पीड़ित की शिकायत पर गोविंदगंज थाना में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अरेराज एसडीपीओ रवि कुमार के निर्देश पर एक छापेमारी दल का गठन किया गया। छापेमारी के दौरान मुजफ्फरपुर के साहेबगंज क्षेत्र में आरोपितों के कब्जे से 15 लाख रुपये कैश और सोने का बिस्कुट बरामद किया गया।
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इसी दौरान टीम में शामिल चार सिपाहियों की नियत डोल गई और उन्होंने बरामद रकम में से 3 लाख रुपये चोरी की नीयत से गाड़ी की सीट के नीचे छुपा दिए। बाद में जांच के दौरान यह पूरा मामला उजागर हो गया।
इस कृत्य को लेकर साहेबगंज थाना में चारों सिपाहियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। गिरफ्तार सिपाहियों में संतोष कुमार, गौतम कुमार यादव, कृष्णा कुमार और ओमप्रकाश शामिल हैं। अरेराज एसडीपीओ रवि कुमार ने कहा कि पुलिस टीम के कुछ जवानों ने लालच में आकर गलत कदम उठा लिया। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और कानून अपना काम करेगा।