वैशाली जिले के हाजीपुर टाउन थाना में तैनात रहीं तत्कालीन महिला सब इंस्पेक्टर पूनम कुमारी को अदालत ने भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। विशेष निगरानी इकाई की कार्रवाई में रंगे हाथ पकड़ी गई पूनम कुमारी को विशेष न्यायालय ने 3 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
बस रिलीज कराने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
घटना 14 नवंबर 2024 की है। आरोपी सब इंस्पेक्टर पूनम कुमारी पर आरोप था कि उन्होंने नितेश बस सर्विस के प्रबंधक पंकज कुमार द्विवेदी से बस संख्या BR-31P 5778 को डीटीओ कार्यालय से रिलीज कराने के लिए आवश्यक पत्राचार के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
निजी आवास से रंगे हाथ हुई थीं गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने जाल बिछाया और हाजीपुर स्थित उनके निजी आवास से ही उन्हें रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद मामला निगरानी जांच के दायरे में आया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। मामले की सुनवाई पटना स्थित विशेष न्यायाधीश विजिलेंस अतुल कुमार सिंह की अदालत में चल रही थी। SVU थाना कांड संख्या 06/2024 में सभी साक्ष्यों और सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें दोषी पाया।
जुर्माना नहीं भरने पर बढ़ेगी सजा
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी जुर्माना राशि जमा नहीं करती हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 3 महीने का साधारण कारावास भुगतना होगा। गिरफ्तारी के बाद से ही पूनम कुमारी न्यायिक हिरासत में थीं। बताया गया कि गिरफ्तारी के बाद स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने मामले की गहन जांच की और साक्ष्यों के साथ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। निगरानी की विशेष अदालत में चले लंबे ट्रायल के दौरान गवाहों के बयान और निगरानी टीम द्वारा पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर पूर्व दारोगा पूनम कुमारी को दोषी पाया गया।
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अदालत की सख्त टिप्पणी
अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा और न्याय की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों का ऐसा आचरण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी इकाई की कार्रवाई और अदालत के इस फैसले के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है तथा यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।