बिहार सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री बृषण पटेल ने वैशाली विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। रविवार को पटेढ़ी बेलसर प्रखंड क्षेत्र के नगवां स्थित गुलजार फार्म हाउस में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में उन्होंने इस फैसले का एलान किया। इस सीट से वर्तमान में उनके भतीजे और जदयू विधायक सिद्धार्थ पटेल प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री बृषण पटेल ने कहा कि अब मेरा अंतिम समय है। मैं आप लोगों से अलग नहीं रह सकता। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्होंने सात बार विधायक, पांच बार मंत्री और एक बार सांसद के रूप में जनता की सेवा की है। अब जीवन के अंतिम पड़ाव पर वे अपने लोगों से दूर नहीं रहना चाहते।
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बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने वर्तमान व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आज बिना घूस के कोई भी काम सरकारी दफ्तरों में नहीं हो रहा है। जनता परेशान है और कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही। कार्यकर्ताओं ने बृषण पटेल से नेतृत्व संभालने की अपील की, जिस पर उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
पूर्व मंत्री ने कहा कि आज का सिस्टम जनता को तंग कर रहा है। मैं आपकी पीड़ा को महसूस करता हूं। मुझे कोई पद या पैसा नहीं चाहिए। मेरा सिर्फ एक सपना है, अपने लोगों के बीच रहकर, उनके दुःख-दर्द में सहभागी बनकर इस दुनिया से विदा लेना। कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से समर्थन देने का भरोसा दिलाते हुए उन्हें एक बार फिर से विधायक बनाने की बात कही।
गौरतलब है कि वैशाली विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक सिद्धार्थ पटेल ही पूर्व मंत्री बृषण पटेल के भतीजे हैं। अब चाचा-भतीजे के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है। मीडिया से बात करते हुए बृषण पटेल ने कहा, "चुनावी रणक्षेत्र में कोई अपना पराया नहीं होता। जो सामने आएगा, उसका डटकर मुकाबला किया जाएगा।"