जम्मू कश्मीर के गांदरबल में रविवार को हुए आतंकी हमले में कुल सात मजदूरों की मौत हुई है। इसमें बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले फहीमून नासीर भी शामिल हैं। फहीमुन नासीर छह साल से कश्मीर में रह कर कंपनी में सेफ्टी मैनेजर की नौकरी करते थे। वहीं मृतक के बहनोई शकील अहमद काजमी ने कहा कि यह एक बड़ा हादसा है।
वह अपने बच्चों के लिए कश्मीर में जाकर कमा रहे थे। घर की परवरिश किया करते थे। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे हिंदुस्तान और बिहार के लिए बहुत अफसोसनाक है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने परिवार के लिए काम करने के लिए गया था, अब उसका शव आया है। शव घर पर आते ही सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। सभी की आंखे नम हो गई।
बेटी की गुहार
बता दें कि बीते दिनों जम्मू कश्मीर में हुए आतंकी हमले में वैशाली के अब्बाकरपुर निवासी फहीमुन नासीर की मौत हो गई थी। घर शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सभी परिवार के सदस्य रोने बिलखने लगे। मृतक फहीमुन नासीर की बेटी जिकरा फहीम ने रोते हुए चीख चीखकर सरकार से इंसाफ की गुहार लगाई है। बेटी ने कहा कि मेरे पापा की क्या गलती थी, वो बेकसूर थे। बेटी ने कही की मैं IAS ऑफिसर बनना चाहती थी। पापा का सपना पूरा करना चाहती थी। पापा चाहते थे कि मैं IAS ऑफिसर बनूं। बेटी ने पढ़ाई की सारे खर्चे उठाने की मांग की है।