केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने वैशाली जिले के राजापाकर में आयोजित सभा के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष की राजनीति विरोधाभासों से भरी हुई है। पहले वे वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप लगाते हैं, और जब उसे ठीक किया जाता है, तो उस पर भी सवाल उठाते हैं। ऐसा नहीं चल सकता कि चिट भी मेरी और पट भी मेरी।
चिराग ने कहा कि विपक्षी पार्टियां भाषा की मर्यादा तोड़ रही हैं। एक व्यक्ति को टारगेट करते-करते पूरा समुदाय निशाने पर आ जाता है, जो गलत है। प्रधानमंत्री के लिए “वोट चोर” जैसे शब्दों का प्रयोग करना अमर्यादित राजनीति की निशानी है। हाल ही में प्रधानमंत्री की मां के बारे में जिस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री को चोर कहें या तलाक जैसे निजी मुद्दों पर टिप्पणी करें, यह उचित नहीं है। असहमति अपनी जगह है, लेकिन प्रधानमंत्री उनसे उम्र में बड़े हैं। भारतीय संस्कृति में हम बच्चों से भी आदर के साथ ‘आप’ कहकर बात करते हैं, नेताओं को तो और संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
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चिराग पासवान ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाओं में और एनडीए नेताओं की सभाओं में जनता खुद से उमड़कर आती है, जबकि राहुल गांधी की सभाओं में भीड़ जुटाने के लिए लोगों को बुलाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने अपना मन बना लिया है और यह हालिया उपचुनाव के नतीजों से साफ दिख रहा है। उन्होंने आगे कहा कि बिहार बंद के बावजूद मुजफ्फरपुर में प्रधानमंत्री की सभा में भारी भीड़ उमड़ी, जो यह बताने के लिए काफी है कि जनता एनडीए के साथ है। चिराग ने स्पष्ट कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री पद की कोई वैकेंसी नहीं है। मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही एनडीए आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगा।