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अमर उजाला की खबर का असर: वैशाली में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड घोटाले पर सरकार सख्त, तीन कॉलेजों के भुगतान पर रोक

Sat, 02 May 2026 12:28 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

Bihar: अमर उजाला की रिपोर्ट के बाद बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की है। वैशाली जिले के एक ग्रुप के तीन कॉलेजों के नए छात्रों के लिए भुगतान पर रोक लगा दी गई है। पूरे बिहार में कुल 13 कॉलेजों पर कार्रवाई हुई है। जांच में सीट से अधिक बोनाफाइड जारी करने और नामांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई है।
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फोटो कॉलेज
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विस्तार
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बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। इस योजना के तहत कॉलेज में एडमिशन के बाद छात्रों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता मिलती है, लेकिन इसमें अनियमितता और घोटाले की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। अमर उजाला द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद सरकार ने कार्रवाई की है।

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तीन कॉलेजों पर पेमेंट रोक
सरकार ने वैशाली जिले के एक ही ग्रुप के तीन कॉलेजों—इंदु देवी रंजीत कुमार प्रकाश प्रोफेशनल कॉलेज, डॉ. रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज और श्री उमेश मिश्रा रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज—में नए छात्रों के लिए पेमेंट पर रोक लगा दी है। इसके तहत अब इन कॉलेजों में नए नामांकन लेने वाले छात्रों को बिहार सरकार की ओर से मिलने वाले चार लाख रुपये का भुगतान नहीं किया जाएगा। इस संबंध में विभाग की ओर से पत्र भी जारी कर दिया गया है।

पूरे बिहार में 13 कॉलेजों पर कार्रवाई
बताया जा रहा है कि पूरे बिहार में कुल 13 कॉलेजों पर यह कार्रवाई की गई है। इससे पहले जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने भी इन कॉलेजों में गड़बड़ी का मामला उठाया था। इसके बाद वैशाली जिलाधिकारी के निर्देश पर डीडीसी के नेतृत्व में एक जांच कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद जिला प्रशासन ने विभाग को रिपोर्ट भेजी थी।
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जांच में सामने आई अनियमितताएं
विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त प्रतिकूल टिप्पणियों में यह सामने आया कि सत्र 2025-26 में निर्धारित सीट आवंटन से अधिक बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी किए गए और संस्थानों से कारण पृच्छा का संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसके चलते नामांकन प्रक्रिया संदेहास्पद प्रतीत हुई।

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आगे की कार्रवाई और निर्देश
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन संस्थानों द्वारा अत्यधिक बोनाफाइड जारी किए गए हैं और एमएनएसएसबीवाई पोर्टल पर आवेदनों को सही तरीके से फ्री नहीं किया गया है, उन संस्थानों के नए आवेदनों के भुगतान पर तत्काल रोक लगाई जाती है। हालांकि, जिन छात्रों की एक किस्त की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है, उनकी अगली किस्त का भुगतान जारी रहेगा। 

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