बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को बड़ा झटका लगा है। मुजफ्फरपुर जिला जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता रंजीत सहनी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जेडीयू अब अपने सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है और कुछ लोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गुमराह कर रहे हैं। रंजीत सहनी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जेडीयू छोड़ी है, NDA नहीं। उन्होंने कहा कि मैं अब भी NDA का हिस्सा हूं और एक कार्यकर्ता के रूप में गठबंधन के साथ कार्य करता रहूंगा।
पूर्व जिला अध्यक्ष सहनी ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा को भेज दिया है, जिसमें पार्टी छोड़ने के पीछे के कारणों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेडीयू में अब कुछ चुनिंदा लोगों का वर्चस्व हो गया है जो न सिर्फ पार्टी को दिशा से भटका रहे हैं, बल्कि मुख्यमंत्री को भी निजी हित में भ्रमित कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अब पार्टी में पहले जैसी बातें नहीं रहीं। जेडीयू अब अपने घोषित सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों पर नहीं चल रही है। इससे कार्यकर्ताओं और समाज के बीच गलत संदेश जा रहा है। रंजीत सहनी ने यह भी कहा कि वे अब "निषाद संघर्ष मोर्चा" नामक सामाजिक संगठन के माध्यम से समाज के हक की लड़ाई लड़ेंगे और जनता के बीच काम करते रहेंगे। इस घटनाक्रम को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जेडीयू के लिए एक बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है, खासकर तिरहुत प्रमंडल में जहां रंजीत सहनी की पकड़ मजबूत मानी जाती रही है।