बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को सोनपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे। सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर उन्होंने भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया और राज्य की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। इस दौरान जब मीडिया ने उपचुनाव के शुरुआती रुझानों को लेकर सवाल पूछा, तो तेजस्वी यादव ने चुनावी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।
चुनावी नतीजों पर टिप्पणी से किया इनकार
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के आगे रहने और राजद प्रत्याशी के पीछे चलने को लेकर पत्रकारों ने तेजस्वी यादव से प्रतिक्रिया मांगी। इस पर उन्होंने कहा, "चुनाव तो आते-जाते रहेंगे। आज सावन की पहली सोमवारी है। हम बाबा हरिहरनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आए हैं। आज इसी पर ध्यान देना चाहिए।" इस तरह उन्होंने चुनावी नतीजों पर कोई राजनीतिक टिप्पणी करने से परहेज किया।
बाबा हरिहरनाथ से राज्य की सुख-शांति की प्रार्थना
मंदिर पहुंचने पर स्थानीय मंदिर प्रबंधन समिति ने अंगवस्त्र देकर तेजस्वी यादव का स्वागत किया। उनके साथ बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता और समर्थक भी मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने बाबा हरिहरनाथ से पूरे बिहार में सुख, शांति, समृद्धि और प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की है।
शुरुआती रुझानों में यह रही स्थिति
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की शुरुआती मतगणना में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज सिंह दूसरे स्थान पर चल रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी रेखा गुप्ता तीसरे स्थान पर हैं। हालांकि अंतिम परिणाम मतगणना पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पहली सोमवारी पर उमड़ा शिवभक्तों का जनसैलाब
सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर बाबा हरिहरनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे शिवभक्तों ने लंबी कतारों में लगकर गंगाजल और पूजन सामग्री के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर पूरे दिन 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से गूंजता रहा।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। साथ ही भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई, ताकि दर्शन-पूजन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।