शाही लीची की खास मिठास और स्वाद के लिए देशभर में पहचान बना चुका मुजफ्फरपुर अब इस विरासत को एक नया आयाम देने की ओर अग्रसर है। नगर निगम और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर के सौंदर्यीकरण से जोड़ते हुए एक अनोखी पहल की जा रही है। माधौल बाइपास रोड पर शाही लीची के स्वरूप में एक भव्य कलाकृति बनाई जा रही है, जो शहरवासियों और आगंतुकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने वाली है।
यह कलाकृति न सिर्फ शहर की पहचान को रचनात्मक रूप दे रही है, बल्कि स्वच्छता और रिसाइकलिंग का संदेश भी प्रसारित कर रही है। खास बात यह है कि यह पूरी संरचना वेस्ट मटेरियल जैसे लोहे, प्लास्टिक और अन्य अनुपयोगी वस्तुओं से तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य यह भी है कि जिले की पहचान ‘शाही लीची’ को देश-विदेश से आने वाले पर्यटक नजदीक से देख सकें और जान सकें।
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इस परियोजना को आरा जिले के प्रसिद्ध कलाकार प्रशांत कुमार तैयार कर रहे हैं। इससे पहले उन्हें मोतीझील फ्लाईओवर के बीच पीपल के पेड़ की कलाकृति बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे काफी सराहना मिली थी। अब प्रशांत माधौल बाइपास पर 12 शाही लीचियों के गुच्छे की आकृति बना रहे हैं, जिसे लोहे और प्लास्टिक जैसे वेस्ट मटेरियल से आकार दिया जा रहा है।
इस कलाकृति की नींव ईंट और सीमेंट से तैयार की गई है, जिस पर अब अंतिम रूप से आकर्षक लाल रंग की लीचियों को सजाया जा रहा है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अगले दो दिनों में यह कलाकृति पूरी तरह तैयार होकर लोगों के सामने आ जाएगी।
नगर निगम की यह पहल न सिर्फ मुजफ्फरपुर की शाही लीची ब्रांड को एक नई पहचान देगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। आने वाले समय में यह कलाकृति शहर के प्रमुख लैंडमार्क में शामिल हो सकती है, जिस पर हर मुजफ्फरपुरवासी को गर्व होगा।