नेपाल के महोतरी जिले के जलेश्वर जेल से मंगलवार देर शाम जेल ब्रेक की घटना ने भारत-नेपाल सीमा पर हड़कंप मचा दिया। करीब 550 कैदियों के फरार होने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। नेपाल में जारी हिंसक आंदोलन और हाल ही में सोशल मीडिया बैन ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। भारत की सीमा से महज तीन किलोमीटर दूर हुई इस वारदात ने बिहार की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया।
जेल से भागने के बाद कई कैदियों ने भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश की। इस दौरान सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) ने सक्रियता दिखाते हुए सीतामढ़ी की सीमा पर 10 कैदियों को पकड़ लिया। पकड़े गए कैदियों में दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इन्हें भिट्ठा और सुरसंड थाना पुलिस को सौंपा गया है, जिनमें सात कैदियों को भिट्ठा थाना और तीन को सुरसंड थाना में रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियां सभी कैदियों से गहन पूछताछ कर रही हैं।
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घटना के बाद बिहार के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। सीतामढ़ी के हनुमान चौक, सोनबरसा, इंदरवा, सहोरबा, लालबंदी, सुरसंड, भिट्ठामोड़ और बैरगनिया इलाकों में एसएसबी की 51वीं बटालियन और स्थानीय पुलिस रातभर गश्त करती रही। एसपी अमित रंजन खुद सीमावर्ती इलाकों का निरीक्षण करने पहुंचे और अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए। हर आने-जाने वाले व्यक्ति और वाहन की जांच की जा रही है और पहचान पत्र दिखाने के बाद ही आवाजाही की अनुमति दी जा रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सुरसंड और भिट्ठा थाना क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान जारी है। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल की अस्थिर स्थिति का असर भारतीय सीमा तक दिखाई दे रहा है, लेकिन हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है। सिर्फ आपातकालीन स्थिति में ही लोगों को सीमा पार जाने की अनुमति दी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।