प्रखंड कृषि पदाधिकारी बनीं ऐश्वर्या तिवारी
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पश्चिम चंपारण की बेटी ऐश्वर्या तिवारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 36वीं रैंक हासिल की है। अपनी इस उपलब्धि से उन्होंने जिले और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि ऐश्वर्या ने यह सफलता पहले ही प्रयास में हासिल की है।
गोल्ड मेडलिस्ट ऐश्वर्या, बीएचयू में कर रही हैं पढ़ाई
ऐश्वर्या ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय से स्नातक किया, जहां उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। वर्तमान में वह काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से स्नातकोत्तर (Post Graduation) की पढ़ाई कर रही हैं। ऐश्वर्या पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही हैं और उनकी उपलब्धियों की सूची काफी लंबी है।
नेशनल अवॉर्ड से हो चुकी हैं सम्मानित
ऐश्वर्या को साल 2024 में 'नेशनल एनवायरनमेंटल साइंस एकेडमी' (NESA), नई दिल्ली द्वारा 'जूनियर साइंटिस्ट अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, इस वर्ष उनकी एक पुस्तक 'Technological Approach for Climate Smart Agriculture' अमेरिका के प्रतिष्ठित प्रकाशक स्प्रिंगर से प्रकाशित हुई है, जो उनकी शोध क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
बनीं प्रखंड कृषि पदाधिकारी
BPSC परीक्षा में 36वीं रैंक हासिल कर ऐश्वर्या ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी का पद हासिल किया है। इस सफलता से पूरे जिले में जश्न का माहौल है। ऐश्वर्या के परिवार, रिश्तेदारों और गांव के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
ऐश्वर्या के पिता संजीव कुमार तिवारी सिविल कोर्ट में जिला नाजिर के पद पर कार्यरत हैं। वह ऐश्वर्या की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं। वहीं, उनकी माता कुमारी श्वेता एक गृहिणी हैं और उन्होंने ऐश्वर्या की इस उपलब्धि को पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया। ऐश्वर्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, चाचा-चाची और गुरुजनों को दिया है, जिनकी प्रेरणा से वह इस मुकाम तक पहुंच सकी हैं।