मोतिहारी जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां चकिया थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय कोइलाबेलवा में असामाजिक तत्वों ने पानी की टंकी में सल्फास मिलाकर बच्चों की जान लेने की कोशिश की। हालांकि सतर्कता और सूझबूझ के कारण समय रहते इस साजिश को नाकाम कर दिया गया और सैकड़ों मासूमों की जान बच गई।
तेज गंध से खुला राज
जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह जब स्कूल खुला, तो छात्रों और शिक्षकों को विद्यालय परिसर में तेज दुर्गंध का अहसास हुआ। संदेह होने पर जब स्कूल की पानी की टंकी की जांच की गई, तो उसमें सल्फास का पाउडर और गोलियां पाई गईं। यही नहीं, टंकी के पास ही जहर का रैपर भी पड़ा मिला। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने तुरंत नलों को बंद करा दिया और टंकी को खाली करवाकर साफ-सफाई शुरू करवाई। संयोग अच्छा था कि स्कूल खुलने से पहले ही षड्यंत्र का पर्दाफाश हो गया, वरना बड़ी संख्या में बच्चे जहरीला पानी पीकर गंभीर स्थिति में पहुंच सकते थे।
छात्राओं की सतर्कता से बची सैकड़ों जिंदगियां
इस घटना का सबसे पहले अंदाजा स्कूल की छात्राओं पल्लवी कुमारी और सबा खातून को हुआ। उन्होंने देखा कि टंकी के पास ही जहर का एक पाउच पड़ा था, जिससे शक हुआ कि पानी में जहर मिलाया गया है। तुरंत उन्होंने इसकी सूचना स्कूल प्रशासन को दी, जिसके बाद हड़कंप मच गया। स्कूल के प्रधानाध्यापक प्रेम नारायण ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि असामाजिक तत्वों द्वारा पानी की टंकी में जहर मिलाया गया था, लेकिन सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही चकिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रधानाध्यापक द्वारा अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। चकिया थाना अध्यक्ष ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है, स्कूल के बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की गई है। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
गंडामन कांड दोहराने की कोशिश?
इस घटना ने 2013 के छपरा जिले के गंडामन गांव में हुए दर्दनाक मिड-डे मील कांड की याद दिला दी, जहां जहरीला भोजन खाने से 23 मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। मोतिहारी के इस स्कूल में पानी में जहर मिलाने की यह कोशिश भी उतनी ही खतरनाक थी, जिसे वक्त रहते रोक लिया गया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में कड़ी निगरानी होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को अंजाम न दिया जा सके। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने और सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है।