घटना स्थल पर मौजूद वनकर्मी और ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर प्रोजेक्ट से सटे भंगहा थाना क्षेत्र के धुमाटाड़ गांव में बाघ घुस गया। बाघ के आने और लुटन साह के घर में घुसने के बाद लोगों में दहशत फ़ैल गया। काफी संख्या में लोग लाठी फट्टा लेकर दौड़े। लोगों के शोरगुल सुनकर बाघ लुटन साह के घर से निकलकर मकई के खेत में घुस जंगल की ओर भाग गया। तब लोगों ने राहत की सांस ली।
मिली जानकारी के अनुसार, धुमाटाड़ गांव निवासी मोहन पटेल के घर के पूरब फिल्ड में लोगों ने कड़ी धूप में बाघ को दौड़ते हुये देखा। बाघ के देखने पर गांव में अफरातफरी मच गयी। लोग इधर उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद रहे उमेश पटेल, प्रमोद वर्मन, हरि वर्मन, सुजीत वर्मन, पीजूस, नसीम आलम और कन्हाई साह आदि ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लोगों को उधर जाने से रोक मामले की जानकारी वन विभाग को दी।
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सूचना मिलते ही पचरौता से वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। वहीं, लोगों को अलर्ट रहते हुये खेतों की तरफ नहीं जाने को कहा। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैली हुई है। लोग डरे और सहमे हुए हैं। इधर फॉरेस्टर सुनील पाठक ने बताया कि बाघ जंगल से बाहर निकला था। बाघ वापस मकई के खेत होते हुए जंगल में चला गया है। वन विभाग की पूरी टीम बाघ पर नजर बनाये हुए है। वीदित हो कि आज से तीन दिन पहले बालकिशुन उरांव के बछड़े को बाघ ने मार डाला था, लोगों के द्वारा यह आशंका जताया जा रहा है कि इसी बाघ के द्वारा बछड़े को निवाला बनाया गया था।