पश्चिमी चंपारण जिले के नौतन थाना क्षेत्र अंतर्गत मंगलपुर गुदरिया पंचायत के वार्ड नंबर 9 स्थित बनकटवा गांव में शनिवार की दोपहर एक दर्दनाक हादसे में दो वर्षीय मासूम की गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया है, जबकि परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। मृतक की पहचान बनकटवा गांव निवासी दिनेश राम के दो वर्षीय पुत्र आयुष कुमार के रूप में हुई है।
खेलते-खेलते गहरे गड्ढे में गिरा मासूम
बताया जाता है कि आयुष कुमार घर के सामने दरवाजे पर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पास ही स्थित एक गहरे गड्ढे के करीब पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। गड्ढे में पानी भरा होने के कारण मासूम उसमें डूब गया। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को इसका तुरंत अंदाजा भी नहीं लग सका।
तलाश के दौरान गड्ढे में मिला मासूम
कुछ देर बाद जब परिजनों ने आयुष को आसपास नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू की गई। परिवार के लोग और ग्रामीण इधर-उधर उसे खोजने लगे। इसी दौरान किसी की नजर पास के गड्ढे पर पड़ी, जहां मासूम पानी में डूबा हुआ मिला। परिजन तुरंत उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और मासूम की सांसें थम चुकी थीं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मां गुदिया देवी अपने लाड़ले को खोने के गम में बार-बार बेहोश हो जा रही थीं, जबकि पिता दिनेश राम और अन्य परिजन भी गहरे सदमे में हैं। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और हर किसी की आंखें नम हैं। बताया जाता है कि आयुष कुमार तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा और परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मासूम मुस्कान से घर हमेशा गुलजार रहता था, लेकिन इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
पढ़ें- बिहार में हैवानियत की हद: घर बुलाकर युवती से सामूहिक दुष्कर्म, चार आरोपी गिरफ्तार; अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलने के बाद नौतन थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बेतिया भेज दिया। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गांव में शोक की लहर
मासूम की असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन एक मां-बाप के लिए अपने कलेजे के टुकड़े को खोने का यह दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है। इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे दुख में डाल दिया है।