बेतिया जिले के नरकटियागंज विधानसभा क्षेत्र से राजनीति में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कदम देखने को मिला है। समाज के तीसरे लिंग समुदाय की प्रतिनिधि माया रानी किन्नर ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
माया रानी अपने समर्थकों और समुदाय के सदस्यों के साथ जुलूस की शक्ल में नरकटियागंज एसडीएम कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने उत्साह और जोश के माहौल में औपचारिक रूप से नामांकन किया। इस मौके पर स्थानीय लोगों की बड़ी भीड़ मौजूद थी और “परिवर्तन की नई पहचान, माया रानी किन्नर जिंदाबाद” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।
नामांकन के बाद मीडिया से बात करते हुए माया रानी ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल से नहीं है, बल्कि गरीबी, भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि नरकटियागंज की जनता वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रही है। अस्पतालों की हालत खराब है, शिक्षा व्यवस्था गिरती जा रही है, और सड़क-जल जैसी बुनियादी समस्याएं अब भी जस की तस हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे उन्हें अवसर दें ताकि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था, स्वच्छ प्रशासन और समान अधिकारों के लिए काम कर सकें।
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माया रानी ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज के हर तबके को समान अधिकार और सम्मान दिलाना है। उन्होंने यह भी कहा कि तीसरे लिंग के लोगों को केवल मनोरंजन का प्रतीक न समझा जाए, बल्कि उन्हें जनसेवा और नेतृत्व की मुख्यधारा में शामिल किया जाना चाहिए। हम भी इस देश के नागरिक हैं और हमें भी सेवा का मौका मिलना चाहिए। जनता का समर्थन ही मेरी असली ताकत है। नामांकन के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पूरे परिसर में पुलिस बल की तैनाती रही ताकि शांति और व्यवस्था बनी रहे। माया रानी के समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाओं से स्वागत किया और उत्साहपूर्वक नारेबाजी की।
नरकटियागंज विधानसभा सीट पर माया रानी के मैदान में उतरने से इस बार का चुनाव न केवल राजनीतिक रूप से दिलचस्प, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन गया है। स्थानीय राजनीतिक जानकारों का कहना है कि माया रानी की उम्मीदवारी समाज में समानता और प्रतिनिधित्व की दिशा में एक सकारात्मक संदेश दे रही है।