पश्चिम चंपारण के बैरिया थाना क्षेत्र में कोइरपट्टी घाट के पास ग्रामीणों से भरी नाव गंडक नदी में पलट गई, जिसमें दो बच्चियां लापता हैं। हादसे के बाद पुलिस, गोताखोर और ग्रामीणों की मदद से सर्च ऑपरेशन जारी है।
पश्चिम चंपारण के बैरिया थाना क्षेत्र में कोइरपट्टी घाट के पास ग्रामीणों से भरी नाव गंडक नदी में पलट गई, जिसमें दो बच्चियां लापता हैं। हादसे के बाद पुलिस, गोताखोर और ग्रामीणों की मदद से सर्च ऑपरेशन जारी है।
पश्चिम चंपारण के बैरिया थाना क्षेत्र स्थित कोइरपट्टी घाट के पास सोमवार की शाम एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आई, जहां ग्रामीणों से भरी एक छोटी नाव गंडक नदी में अचानक पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दैनिक खेत-खलिहान का काम निपटाकर, चारा काटकर और भोजन देकर लौट रहे ग्रामीण बड़ी संख्या में इस नाव पर सवार हो गए थे।
बिना देरी किए नदी में कूदकर बचाव कार्य शुरू किया
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने बिना देरी किए नदी में कूदकर बचाव कार्य शुरू किया। कुछ ही देर में पुलिस बल और गोताखोर भी घटनास्थल पर पहुँच गए और सर्च ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है। थानाध्यक्ष अंजेश कुमार ने फिलहाल मीडिया को आधिकारिक बयान देने से परहेज़ किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पुलिस हर संभव संसाधन जुटाकर दोनों बच्चियों की खोज में लगी है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि घाट पर नावों की नियमित जाँच और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएँ बार-बार होती हैं।
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लापता बच्चियों की तेजी से तलाश
लोग प्रशासन से तत्काल राहत, लापता बच्चियों की तेजी से तलाश, नाव परिचालन पर निगरानी, और घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग कर रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग घाट पर जमा हो गए। लापता दोनों बच्चियों के परिवार अब भी नदी किनारे उम्मीद और दहशत के बीच खड़े हैं। पुनीता की मां बेहोशी की हालत में है, जबकि छोटी सुगी का परिवार लगातार नदी में देखने-ढूंढने की कोशिश कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों बच्चियां परिवार और गांव की सबसे चंचल और होनहार बेटियों में थीं।