बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत करमवा गांव से मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक युवती को बेल्ट से बेरहमी से पीटते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में युवती बार-बार रहम की गुहार लगाती है, लेकिन उस पर अत्याचार जारी रहता है। इस दर्दनाक दृश्य ने लोगों को झकझोर दिया है। लोग पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एकजुट हो रहे हैं।
पीड़िता की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी सुष्मिता के रूप में हुई है, जो पेशे से एक डांसर है। सुष्मिता ने मझौलिया थाना में दिए गए अपने आवेदन में करमवा गांव के वार्ड संख्या-10 निवासी शंकर राम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि अप्रैल से जून 2025 तक आरोपी ने उसे जबरन काम कराया और इस दौरान मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न किया। सुष्मिता ने बताया कि उसे गांव में बंधक बनाकर रखा गया और विरोध करने पर बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। उसने कई बार छोड़ देने की मिन्नतें कीं, लेकिन आरोपी ने कोई दया नहीं दिखाई।
इस पूरी घटना को गांव के ही एक युवक ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में युवती की चीख-पुकार और आरोपी की क्रूरता साफ देखी जा सकती है। घटना सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मझौलिया थाना पहुंचे और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
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थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो की गंभीरता से जांच की जा रही है। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी शंकर राम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की पुष्टि कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही महिला हेल्पलाइन और जिला प्रशासन को भी मामले की जानकारी दे दी गई है। घटना के बाद करमवा गांव समेत आसपास के इलाकों में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज पर कलंक हैं और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
इस बीच महिला आयोग, मानवाधिकार संगठन और कई सामाजिक कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए हैं। वे जिला प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई, पीड़िता की सुरक्षा और उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।