मोतिहारी के घोड़ासहन में रेलवे ने अपनी कीमती जमीन से अतिक्रमण हटाने की मुहिम शुरू कर दी है। करीब एक एकड़ रेलवे भूमि पर बनी झुग्गी-झोपड़ियों और अवैध दुकानों पर नोटिस चस्पा कर 15 अगस्त तक खाली करने का निर्देश दिया गया है।
मोतिहारी जिले के घोड़ासहन रेलवे परिक्षेत्र में रेलवे विभाग ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभागीय अधिकारियों ने रेलवे की एक एकड़ से अधिक कीमती जमीन पर बनी झुग्गी-झोपड़ियों और लोहे की अस्थायी दुकानों पर नोटिस चस्पा कर 15 अगस्त तक अतिक्रमण खाली करने का सख्त निर्देश जारी किया है। रेलवे द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा तक अतिक्रमण नहीं हटाने पर दंडाधिकारी की उपस्थिति में बलपूर्वक अतिक्रमण हटाया जाएगा, और इस कार्रवाई का खर्च अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा। नोटिस जारी होने के बाद से क्षेत्र के अवैध दुकानदारों और भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार, रेलवे की इस बहुमूल्य भूमि पर कुछ प्रभावशाली भूमाफियाओं ने स्थानीय प्रशासनिक मिलीभगत के जरिए कब्जा कर रखा था। इन लोगों ने लोहे की अस्थायी दुकानें बनाकर स्थानीय लोगों से मोटी पगड़ी और किराया वसूलते हुए अवैध व्यवसाय संचालित कराया। अमर उजाला ने इस पूरे मामले को पहले भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इस संबंध में रेलवे के आईओडब्लू प्रभात कुमार ने जानकारी दी कि सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमा दिया गया है और उन्हें सात दिनों की मोहलत दी गई है। निर्धारित समयसीमा के भीतर जमीन खाली नहीं की गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। समस्तीपुर मंडल के आरपीएफ कमांडेंट ने भी दोहराया कि रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।