जहां देश में राम मंदिर बाबरी मस्जिद विवाद कई वर्षों से चल रहा है और कोर्ट में लड़ाई जारी है वहीं, कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इस मंदिर मस्जिद की दीवार से ऊपर उठ चुके हैं।
धार्मिक सदभाव की मिसाल पेश करते हुए बिहार के पूर्वी चंपारण में दुनिया के सबसे ऊंचे राम मंदिर के निर्माण के लिए एक बुजुर्ग मुस्लिम ने अपनी जमीन दान दी है।
बिहार के कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया में बनने वाले राम मंदिर के लिए जैनुल हक खान ने अपनी डेढ़ बीघा जमीन दान में दी है।
जैनुल खान ने अपनी जमीन बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल की उपस्थिति में मंदिर ट्रस्ट को सौंपी। आचार्य किशोर ने बताया कि मंदिर निर्माण का काम जल्दी शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि इस मंदिर को लेकर सभी वर्गों के लोगों में उत्सुकता है और कई मुस्लिम परिवार इसके लिए जमीन देना चाहते हैं।
आचार्य किशोर ने मंदिर के लिए जमीन देने वाले सभी लोगों के लिए अभार जताते हुए कहा कि मंदिर निर्माण में समाज के हर वर्ग का सहयोग मिल रहा है। मंदिर का निर्माण जल्द ही शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए करीब 115 एकड़ जमीन की जरूरत है।
बताया जा रहा है कि यह मंदिर देश के सभी मंदिरों कुछ अलग होगा। इसके मंडप की ऊंचाई 270 फुट होगी। सिंहासन की तरह बने एक चबूतरे पर 72 फुट के भगवान राम और सीता सहित सौ से अधिक देवी-देवताओं की प्रतिमाएं होंगी।
मंदिर का निर्माण कार्य पूरे होने में पांच साल का समय लगेगा।