शुक्रवार को पटना पुलिस ने गंगा नदी से एक युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद किया है। शव की शिनाख्त हिसुआ से भाजपा के पूर्व विधायक अनिल कुमार के भतीजे और बिहारशरीफ के गढ़ पर निवासी बस मालिक अंजय कुमार का पुत्र आकर्ष (21) के रूप में की गई है जो पिछले 1 जून से लापता था। लाश पटना सिटी के मालसलामी थाना क्षेत्र के दमरिया पुल के पास गंगा नदी में क्षत-विक्षत स्थिति में बरामद किया गया है।
दोस्तों के साथ परीक्षा देने आया था पटना
परिजनों का कहना है कि आकर्ष बी.कॉम डिग्री 3 का छात्र था। वह 1 जून को सुबह 6 बजे अपने दोस्त सुमंत के साथ पटना परीक्षा देने आया था। करीब दस बजे उसने अपने घर में फोन कर बताया कि वह पटना पहुंच गया है, तब से वह लापता था। काफी खोजबीन के बाद जब उसका सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने बिहारशरीफ थाने में उसके लापता होने का मामला दर्ज कराया।
दोस्त ने कहा गंगा नदी में कूदकर जान दे दिया
मामला दर्ज होते ही पुलिस ने सुमंत को हिरासत में ले लिया। पुलिस के द्वारा किए जा रहे पूछताछ में सुमंत लगातार अपना बयान बदल रहा था। पुलिस के द्वारा सख्ती करने पर सुमंत ने कहा कि आकर्ष ने दीघा नदी पुल से गंगा नदी में कूदकर आत्महत्या कर लिया। शुक्रवार को एसडीआरएफ की टीम ने गंगा नदी से क्षत-विक्षत स्थिति में एक शव बरामद किया। शव का हाथ पांव बांधा हुआ था। लाश मिलने की सूचना परिजनों को दी गई।
हाथ-पांव बांधकर पेट पर धारदार हथियार से किया गया था वार
परिजनों ने शव की शिनाख्त आकर्ष के रूप में की। पुलिस का कहना है कि देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि आकर्ष की हत्या से पहले उसके हाथ पैर बांध दिए गए और फिर उसके पेट पर तेज हथियार से वार किया गया था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
पुलिस पर लगाया लापरवाही बरतने का आरोप
आकर्ष के पिता अंजय कुमार और मां बबली कुमारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस उनके बेटे की खोजबीन करने में लापरवाही बरती है। उनका कहना है कि पुलिस ने उनका सहयोग नहीं किया। उन्होंने बिहारशरीफ थाने में अपने बेटे आकर्ष के लापता होने का मामला दर्ज कराया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आकर्ष के दोस्तों से भी पूछताछ की थी, मगर आकर्ष का कोई सुराग नहीं मिला।