फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानलेवा रसगुल्ला: कोर्ट केस में जमानतदार बनने आए बुजुर्ग रसदार मिठाई खाते ही बेहोश होकर गिर पड़े, फिर न उठे

Tue, 18 Mar 2025 04:31 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शेखपुरा

सार

Sheikhpura News: चश्मदीदों ने बताया कि जैसे ही वाल्मीकि प्रसाद ने रसगुल्ला खाया, उनकी सांस रुकने लगी और वह अचानक बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। आसपास मौजूद लोग उन्हें पानी पिलाने लगे, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। फिर अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
रसगुल्ला खाने से बुजुर्ग व्यक्ति की मौत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मिठास से भरपूर रसगुल्ला अक्सर खुशियों का प्रतीक माना जाता है, लेकिन शेखपुरा जिले में यह मिठाई जानलेवा साबित हुई। एक बुजुर्ग की रसगुल्ला गले में अटकने से मौत हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। यह असामान्य और दुखद घटना लोगों को हैरान कर गई है। मृतक की पहचान कुसुंभा गांव निवासी वाल्मीकि प्रसाद के रूप में हुई है, जो शेखपुरा कोर्ट में एक केस में जमानतदार बनने आए थे। कोर्ट की प्रक्रिया के दौरान देर होने के कारण उन्होंने एक होटल में नाश्ता करना चाहा। इसी सिलसिले में उन्होंने रसगुल्ला खाया, जो अचानक उनके गले में फंस गया।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Bihar Police:खगड़िया में एसपी ने Sho समेत छह पुलिसकर्मियों को किया निलंबित, झूठे केस में फंसाकर वसूली का आरोप
 
सांस घुटने से मौके पर ही हो गए बेहोश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही रसगुल्ला गले में फंसा, वाल्मीकि प्रसाद की सांस रुकने लगी। वह अचानक बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। आसपास मौजूद लोग उन्हें पानी पिलाने लगे, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। तुरंत स्थानीय लोग उन्हें शेखपुरा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन




ACMO ने बताई संभावित वजह
इस घटना को लेकर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (ACMO) डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि रसगुल्ला का आकार बड़ा होने की वजह से वह गले में अटक गया होगा। इससे सांस नली बाधित हो गई और दम घुटने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिससे मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।
विज्ञापन

 
मृतक के परिवार में पसरा मातम
वाल्मीकि प्रसाद की अचानक हुई मौत से उनके परिवार में कोहराम मच गया है। जो व्यक्ति सिर्फ कानूनी प्रक्रिया में सहायता देने कोर्ट आया था, उसकी वापसी शव के रूप में होगी, यह किसी ने नहीं सोचा था। गांव में भी घटना की खबर फैलते ही शोक का माहौल व्याप्त है।

यह भी पढ़ें- Bihar:बेंगलुरु से तीन युवकों के शव गांव पहुंचे, परिजनों में कोहराम; अधूरे रह गए घर बसाने-बहन की शादी के सपने
 
सवालों के घेरे में होटल प्रबंधन
हालांकि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी, लेकिन स्थानीय लोग होटल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर शुरुआती समय में मेडिकल सहायता तुरंत मिल जाती, तो शायद बुजुर्ग की जान बचाई जा सकती थी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें