बेगूसराय के बखरी में 10 वर्षीय बच्ची से जुड़े पास्को मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। न्यायालय में विचाराधीन इस संवेदनशील मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने भाजपा नेता नीरज नवीन पर कथित आरोपी के पक्ष में खड़े होने और उसे समर्थन देने का आरोप लगाया है। परिवार ने भाजपा के जिला और प्रदेश नेतृत्व को लिखित आवेदन देकर पार्टी स्तर पर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित परिवार के दादा की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया है कि भाजपा के सिद्धांतों और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों में उनका विश्वास है। लेकिन बच्ची से जुड़े कथित यौन शोषण के मामले में पार्टी से जुड़े एक नेता द्वारा आरोपी के पक्ष में खड़े होने से परिवार आहत है।
पार्टी के प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा विवाद
परिवार ने मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष रजनीश वर्मा को आवेदन देकर हस्तक्षेप और उचित कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के अनुसार, बखरी थाना में पास्को अधिनियम के तहत मामला दर्ज है और यह फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। परिवार का आरोप है कि ट्यूशन के दौरान बच्ची के साथ कथित घटना हुई थी और बखरी निवासी राकेश कुमार इस मामले में आरोपी हैं।
‘गंभीर अपराध में आरोपी के साथ खड़े होने पर सवाल’
पीड़ित परिवार ने सवाल उठाया है कि जब मामला एक नाबालिग बच्ची से जुड़ा हो और न्यायालय में विचाराधीन हो, तब आरोपी के पक्ष में किसी राजनीतिक नेता का सार्वजनिक रूप से खड़ा होना उचित है या नहीं।
परिवार का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने का भरोसा होना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व से पूरे प्रकरण की जांच कर उचित संगठनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
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बीजेपी नेता बोले-राजनीतिक साजिश, अंतिम फैसला अदालत का
वहीं, भाजपा नेता नीरज नवीन ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि सामाजिक मामले को राजनीतिक रंग देकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। नीरज नवीन के मुताबिक, उन्होंने पार्टी के आधिकारिक लेटरहेड का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि अपनी व्यक्तिगत राय रखी है। उनका कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम फैसला अदालत को करना है।
एक पास्को केस, आमने-सामने दो पक्ष और सियासत का नया मोर्चा
बखरी में अब यह मामला केवल कानूनी विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ पीड़ित परिवार भाजपा संगठन से कार्रवाई की मांग कर रहा है, तो दूसरी तरफ भाजपा नेता इसे राजनीतिक षड्यंत्र बता रहे हैं।