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Bihar News: जिसपर 60 FIR और तीन लाख का इनाम, उस कुख्यात का समर्पण; बिहार पुलिस ने क्या कहा?

Wed, 18 Feb 2026 07:08 PM IST
मुंगेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर

सार

Bihar Police: सम्राट चौधरी की बिहार पुलिस आज बहुत खुश है। जिस कुख्यात नक्सली पर 60 प्राथमिकी दर्ज थी और 3 लाख का इनाम घोषित था, उसने आज पुलिस के सामने आत्म समर्पण कर दिया। पुलिस का दावा है कि इसके साथ ही बिहार में नक्सलियों का अंत हो गया।
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पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण करते नक्सली सुरेश कोड
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विस्तार
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स्पेशल एरिया कमेटी के कमांडर व सशस्त्र नक्सली दस्ते के सदस्य तथा सरकार द्वारा तीन लाख रुपये के इनामी नक्सली सुरेश कोड़ा ने बुधवार को मुंगेर पुलिस केंद्र में पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) राकेश कुमार के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान उसने एक एके-47, एक एके-56, दो इंसास राइफल और 505 राउंड कारतूस पुलिस को सौंपे। कार्यक्रम में डीआईजी राकेश कुमार, जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर और एसटीएफ के डीआईजी संजय कुमार सिंह मौजूद रहे। अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को माला पहनाकर और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया।
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60 से अधिक मामले दर्ज
जानकारी के अनुसार, सुरेश कोड़ा के खिलाफ मुंगेर, लखीसराय और जमुई समेत विभिन्न थानों में हत्या, आगजनी, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट सहित करीब 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2008 में उसके खिलाफ पहला मामला दर्ज हुआ था, जबकि अंतिम मामला जुलाई 2025 में दर्ज किया गया। मुंगेर रेंज के डीआईजी राकेश कुमार ने कहा कि सुरेश कोड़ा के आत्मसमर्पण के बाद न केवल मुंगेर जिला बल्कि पूरा बिहार आधिकारिक तौर पर नक्सल मुक्त हो गया है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में बिहार में कोई भी हथियारबंद नक्सली सक्रिय नहीं है। उन्होंने बताया कि सुरेश कोड़ा मुंगेर जिले के लड़ैयांटांड थाना क्षेत्र के पैसरा गांव का निवासी है और लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था।

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पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण करते नक्सली सुरेश कोड
जिलाधिकारी ने बताया गौरव का क्षण
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने इसे मुंगेर और पूरे बिहार के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सुरेश कोड़ा को मिलने वाले लाभ शीघ्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को और तेज किया जाएगा।

पत्नी बोली- अब पूरा परिवार खुश है
सुरेश कोड़ा की पत्नी प्रमिला देवी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से परिवार आत्मसमर्पण के लिए प्रयासरत था। पुलिस दबिश के कारण उनके पति अक्सर गांव नहीं आ पाते थे, जिससे परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण के बाद पूरा परिवार खुश है और अब सामान्य जीवन जीने की उम्मीद जगी है।
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