पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण करते नक्सली सुरेश कोड
जिलाधिकारी ने बताया गौरव का क्षण
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने इसे मुंगेर और पूरे बिहार के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सुरेश कोड़ा को मिलने वाले लाभ शीघ्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को और तेज किया जाएगा।
पत्नी बोली- अब पूरा परिवार खुश है
सुरेश कोड़ा की पत्नी प्रमिला देवी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से परिवार आत्मसमर्पण के लिए प्रयासरत था। पुलिस दबिश के कारण उनके पति अक्सर गांव नहीं आ पाते थे, जिससे परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण के बाद पूरा परिवार खुश है और अब सामान्य जीवन जीने की उम्मीद जगी है।