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Bihar News: मुंगेर विश्वविद्यालय में यूजी सेमेस्टर-2 और 4 का परिणाम छह माह से लंबित, छात्रों की परेशानी बढ़ी

Fri, 06 Feb 2026 09:04 PM IST
मुंगेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर

सार

Munger News: मुंगेर विश्वविद्यालय में यूजी सेमेस्टर–2 और 4 का परिणाम छह माह से लंबित है। देरी से छात्रों का नामांकन, छात्रवृत्ति और भविष्य की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसे लेकर अभाविप ने शीघ्र परिणाम जारी करने और आंदोलन की चेतावनी दी है।
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प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुंगेर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक अव्यवस्था का असर लगातार गहराता जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यूजी सेमेस्टर–2 और यूजी सेमेस्टर–4 की परीक्षाएं संपन्न हुए लगभग छह माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक परिणाम जारी नहीं हो सका है। इस देरी से हजारों छात्र असमंजस की स्थिति में हैं।

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नामांकन और भविष्य की योजनाएं प्रभावित
परिणाम लंबित रहने के कारण छात्रों का अगले सेमेस्टर में नामांकन, छात्रवृत्ति प्रक्रिया, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आगे की शैक्षणिक योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। छात्रों का कहना है कि समय पर परिणाम नहीं आने से पूरा शैक्षणिक सत्र अनिश्चितता में फंस गया है, जिससे मानसिक और आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है।
 
छात्र संगठनों ने जताई नाराजगी
इस मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लखीसराय जिला संयोजक मनीष यदुवंशी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से यूजी सेमेस्टर–2 और 4 का परिणाम शीघ्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए समयबद्ध, जवाबदेह और पारदर्शी परीक्षा-परिणाम प्रणाली लागू की जानी चाहिए।
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अतिथि शिक्षकों के तबादले पर सवाल
मनीष यदुवंशी ने अतिथि शिक्षकों के तबादले पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों के रहते इतिहास, राजनीति विज्ञान, रसायन विज्ञान सहित अन्य विषयों की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही थीं। प्राचार्य द्वारा शिक्षकों को नई जिम्मेदारियां देकर विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने का प्रयास किया जा रहा था, जो अब प्रभावित होगा। उन्होंने विशेष रूप से लखीसराय के इतिहास और राजनीति विज्ञान के अतिथि शिक्षकों को पुनः के.एस.एस. महाविद्यालय में पदस्थापित करने की मांग की।
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अभाविप ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र परिणाम जारी नहीं किए गए तो संगठन छात्रों के हित में संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

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