रेलकर्मियों की पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। मुंगेर के जमालपुर रेल इंजन कारखाना में सोमवार को ईस्टर्न रेलवे मेंन्स कांग्रेस (ईआरएमसी) के बैनर तले रेलकर्मियों ने आक्रोश मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कर्मचारी शामिल हुए। उनका कहना था कि पुरानी पेंशन उनका अधिकार है और इसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
यह आक्रोश मार्च ईआरएमसी के जोनल अध्यक्ष विनोद शर्मा के नेतृत्व और नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के तहत पूरे देश में आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा था। इस दौरान कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान ‘एनपीएस-यूपीएस वापस करो’, ‘पुरानी पेंशन बहाल करो’ और ‘रेलकर्मी एकता जिंदाबाद’ जैसे नारों की गूंज से पूरा परिसर भर गया।
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नई पेंशन प्रणाली को बताया धोखा
मार्च में शामिल ईआरएमसी के केंद्रीय संगठन सचिव मनोज कुमार ने कहा कि एनपीएस कर्मचारियों के साथ किया गया सबसे बड़ा धोखा है। जबकि यूपीएस उससे भी बड़ा छलावा है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार को पुरानी पेंशन हूबहू बहाल करनी होगी, अन्यथा रेलकर्मी आंदोलन और तेज करेंगे। वहीं, कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने भी एनपीएस को कर्मचारियों के लिए आर्थिक असुरक्षा का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कर्मचारियों के हक पर हो रहा कुठाराघात
प्रदर्शन के दौरान उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव और संगठन सचिव मनोज कुमार ने कहा कि जब रेलकर्मी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का कार्य करते हैं, तो उनकी बुढ़ापे की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार उनकी जायज मांगों को अनदेखा करेगी, तो आंदोलन और व्यापक होगा।
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महिला कर्मियों की भी रही सशक्त भागीदारी
इस आंदोलन में महिला कर्मचारियों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। उपाध्यक्ष सिसिलिया टुडू ने कहा कि पुरानी पेंशन उनकी जीवन सुरक्षा है और इसके लिए वे कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। इस मौके पर रेनु कुमारी, नीतू, मौसम, राकेश राज, रितुराज, रोहित ओझा, राजेश्वर यादव सहित कई अन्य रेलकर्मी भी उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग की और चेतावनी दी कि अगर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।