मुंगेर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आदर्श ग्राम टिकरामपुर में बच्चों के बीच हुए एक बेहद मामूली विवाद ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। दो पड़ोसियों के बीच शुरू हुई कहासुनी इस कदर खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई कि एक बेकसूर मजदूर की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आठ नामजद आरोपियों सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है।
साधारण जीवन जी रहा था परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टिकरामपुर गांव के रहने वाले मुरारी सिंह का परिवार बेहद सीधा और साधारण जीवन व्यतीत करता था। वह खुद मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार और बच्चों का पेट पालते थे। घटना की शुरुआत गुरुवार की देर शाम हुई, जब गांव में मुरारी सिंह के परिवार और बबलू सिंह के परिवार के छोटे-छोटे बच्चों के बीच किसी खेल या बात को लेकर अनबन हो गई। बच्चों की यह मामूली कहासुनी धीरे-धीरे दोनों परिवारों के बड़े लोगों तक पहुंच गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और दोनों ओर से रोड़ेबाजी (पत्थरबाजी) शुरू हो गई। हालांकि, उस वक्त स्थानीय ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामले को शांत करा दिया था, लेकिन दोनों पक्षों के भीतर बदले की आग सुलगती रही।
सुबह काम पर निकलते ही रास्ते में घात लगाकर हमला
ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की सुबह मुरारी सिंह रोज की तरह मजदूरी करने के लिए अपने घर से निकले थे। आरोप है कि दूसरी तरफ से पहले से ही घात लगाए बैठे दबंगों ने उन्हें रास्ते में ही घेर लिया। इससे पहले कि मुरारी सिंह कुछ समझ पाते, आरोपियों ने लोहे के सरिया, लकड़ी के पहटा और बांस से उन पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। अचानक हुए इस जानलेवा हमले में मुरारी सिंह गंभीर रूप से जख्मी होकर लहूलुहान हालत में सड़क पर गिर पड़े। वारदात के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हमलावर हथियार लहराते हुए फरार हो गए।
अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही थम गईं सांसें
आसपास के स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में घायल मुरारी सिंह को उठाकर मुंगेर सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन एंबुलेंस से उन्हें लेकर भागलपुर भाग रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; रास्ते में ही मुरारी सिंह की सांसें थम गईं। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी सुधा देवी बदहवास होकर बार-बार बेहोश हो रही हैं, वहीं उनके पांच छोटे-छोटे मासूम बच्चे अपने पिता के बेजान शरीर से लिपटकर रो रहे हैं। इस मर्मस्पर्शी दृश्य को देख मौके पर मौजूद हर ग्रामीण का कलेजा मुंह को आ गया।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाने की पुलिस भारी बल के साथ टिकरामपुर गांव पहुंची और जांच का जिम्मा संभाला। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर एफएसएल (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से कई अहम सबूत एकत्र किए हैं। पुलिस ने मौके से हमले में इस्तेमाल किया गया एक टूटा हुआ बांस का टुकड़ा भी बरामद किया है। गांव में दोबारा कोई हिंसक झड़प न हो, इसके लिए पुलिस बल वहां लगातार कैंप कर रहा है।
मृतक के छोटे भाई नीतेश कुमार के लिखित बयान पर पुलिस ने बबलू सिंह, अरुण सिंह, पृथ्वीराज कुमार, नीतीश कुमार, रितु देवी और नीतू देवी समेत आठ नामजद एवं अन्य अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मुफस्सिल थाने में हत्या का मामला दर्ज किया है।
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जल्द सलाखों के पीछे होंगे हत्यारे
मामले की पुष्टि करते हुए सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने बताया कि बच्चों के मामूली विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी, जिसमें गंभीर रूप से घायल मजदूर मुरारी सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने कहा कि परिजनों के आवेदन पर संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की विशेष टीमें सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। बहुत जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर गुरुवार की रात को ही दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझा लिया जाता या समय रहते पुलिस प्रशासन को इसकी भनक दे दी जाती, तो आज एक गरीब परिवार का इकलौता सहारा इस तरह नहीं छिनता। फिलहाल गांव में एहतियातन चौकसी बढ़ा दी गई है।