खगड़िया के लिए ऐतिहासिक दिन है। श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज में आज से एमबीबीएस कक्षाएं शुरू हो गईं। इससे जिले में पहली बार उच्चस्तरीय मेडिकल शिक्षा का रास्ता खुल गया है और स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर स्थानीय अर्थव्यवस्था तक नए अवसर पैदा होंगे।
बिहार के खगड़िया जिले सहित कोसी और पूरे पूर्वी बिहार के लिए यह एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज में आज से एमबीबीएस की कक्षाओं का औपचारिक शुभारंभ होने जा रहा है। जिले के लिए यह उच्चस्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नए द्वार खोलने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज परिसर में यह शुरुआत एक सादे और गरिमामय समारोह के तहत होगी, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रोफेसर, चिकित्सक और गणमान्य लोग शामिल होंगे। मीडिया प्रभारी अमरीष कुमार ने बताया कि अध्ययन की प्रक्रिया नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार संचालित होगी, जिससे छात्रों को प्रायोगिक और गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा प्राप्त होगी।
स्थानीय स्तर रोजगार के अवसर निर्मित होंगे
जल्द ही पारंपरिक 'हाइटेक व्हाइट कोट' समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नए छात्रों को व्हाइट कोट पहनाकर औपचारिक रूप से मेडिकल शिक्षा एवं अस्पताल प्रशिक्षण की शुरुआत कराई जाएगी। इसके बाद छात्र नियमित कक्षाओं, प्रैक्टिकल और अस्पताल आधारित प्रशिक्षण में हिस्सा लेंगे। मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायों में भी रौनक बढ़ी है। जिले के प्रमुख विशेषज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय गणमान्य लोग इस ऐतिहासिक अवसर में शामिल होंगे।
शैक्षिक विकास की नई राह भी खोलने का दावा
नामांकन प्रभारी प्रो. डॉ. जाहिद इकबाल ने बताया कि पढ़ाई से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। प्राचार्य डॉ. उमाशंकर सिंह ने कहा कि एमबीबीएस कक्षाओं की शुरुआत खगड़िया की स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। वहीं निदेशक डॉ. विवेकानंद ने कहा कि मेडिकल कॉलेज और शहीद प्रभुनारायण अस्पताल को विश्वस्तरीय बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। इस नए मेडिकल कॉलेज की शुरुआत न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करेगी, बल्कि जिले के आर्थिक और शैक्षिक विकास की नई राह भी खोलेगी।