पूर्व मुखिया अशोक सिंह ने जदयू जिला अध्यक्ष पर कुर्मी समाज की अनदेखी करने के आरोप भी लगाए हैं
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लोकसभा चुनाव की तैयारी के बीच खगड़िया में घमासान मचा हुआ है। मथुरापुर पंचायत के पूर्व मुखिया अशोक सिंह ने महागठबंधन को समर्थन देने का एलान किया है। इधर, जदयू जिला अध्यक्ष बबलू मंडल ने प्रेस वार्ता कर कहा कि अशोक सिंह कुर्मी समाज के नेता नहीं हैं। जिला अध्यक्ष ने कहा कि अशोक सिंह पार्टी के सदस्य भी नहीं हैं। उन्होंने पार्टी के लिए कोई काम भी नहीं किया है। गौरतलब है कि पूर्व मुखिया अशोक सिंह खुद को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी बताते रहे हैं। आए दिन अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वह मुख्यमंत्री के साथ की तस्वीरों को साझा भी करते रहे हैं। दरअसल, अशोक सिंह कुर्मी जाति से हैं और वह कुर्मी समाज के वोटबैंक को महागठबंधन की ओर धकेलने का दावा भी कर रहे हैं।
‘कुर्मी समाज के ठेकेदार नहीं हैं अशोक’
जदयू जिलाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हजारों लोग फोटो खिंचवाते हैं। इसका यह मतलब नहीं कि सभी लोग मुख्यमंत्री के करीबी ही हैं। कई लोग ऐसे फोटो को अपनी हनक और अपने गैर कानूनी काम के लिए उपयोग करते हैं। अशोक सिंह कुर्मी समाज के ठेकेदार नहीं हैं। पूरे बिहार के सर्वमान्य नेता सिर्फ नीतीश कुमार हैं। जो सभी जाति में काफी लोकप्रियता रखते हैं। अशोक के समर्थन देने अथवा न देने से एनडीए को नहीं फर्क पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अशोक सिंह कौन होते हैं जो खुद को कुर्मी समाज का ठेकेदार बोलें।
अशोक ने जदयू जिलाध्यक्ष पर लगाया अनदेखी का आरोप
अशोक सिंह ने खगड़िया एनडीए नेताओं पर कुर्मी समाज को अनदेखा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपने नेता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मानते हैं और हमेशा मानते रहेंगे। लेकिन खगड़िया में जदयू जिला अध्यक्ष की तरफ से कुर्मी समाज को अनदेखा किया गया है। इसको लेकर पूरा समाज महागठबंधन के प्रत्याशी को समर्थन देगा, जिसके लिए मैं स्वयं लोगों के बीच जा रहा हूं।
‘राजद की बी टीम हैं अशोक’
जदयू जिला अध्यक्ष बबलू मंडल ने कहा कि अशोक सिंह वर्तमान सांसद चौधरी महबूब अली कैसर के संपर्क में हैं। कैसर अब राजद में शामिल हो चुके हैं। इसलिए अशोक सिंह राजद की बी टीम बनकर तरह-तरह की भ्रांति फैली रहे हैं। बीते विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने पार्टी उम्मीदवार का विरोध किया था। जदयू से उनका कोई नाता नहीं है न ही हमारे वह सदस्य हैं। इसलिए खगड़िया में एनडीए प्रत्याशी को पूरा समाज और सभी जाति का समर्थन है। खगड़िया में एनडीए भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगा।
लोकसभा चुनाव में नुकसान का अंदेशा
गौरतलब है कि अशोक सिंह खुद को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी बताते हैं। वहीं, जानकार बता रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के बीच इस आरोप-प्रत्यारोप के बाद खगड़िया में एनडीए गठबंधन को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि जदयू जिला अध्यक्ष इन सभी बातों को बेकार बता रहे हैं। जिला अध्यक्ष का दावा है कि जदयू में नीतीश कुमार से बड़ा कोई नेता नहीं है, और पार्टी में जो काम करेगा उसी को जदयू का सदस्य माना जाएगा। गौरतलब है कि अशोक सिंह पूर्व में जदयू के संगठन में रहे हैं और फिलहाल उनकी एक पुत्र वधु खगड़िया सदर प्रखंड प्रमुख हैं, जबकि एक पुत्र वधु जिला परिषद उपाध्यक्ष हैं।