मुंगेर जिले के जमालपुर में हुए एक हाई-प्रोफाइल हत्याकांड का पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में 45 वर्षीय रंजीत कुमार की हत्या के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के दम पर पुलिस ने पूरे मामले की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
घर के बाहर बेसुध मिला था शव
जानकारी के अनुसार 13 मार्च की शाम दरीयापुर मोहल्ला स्थित एन.सी. घोष स्कूल के पास जयप्रकाश मंडल के घर के बाहर रंजीत कुमार बेसुध अवस्था में पड़े मिले। स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन उन्हें तत्काल सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने साजिश के एंगल से शुरू की जांच
जमालपुर थाना अध्यक्ष पंकज कुमार पासवान ने मामले को सामान्य मौत मानने के बजाय साजिश के एंगल से जांच शुरू की। उन्होंने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई। मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की।
मोबाइल डेटा और खुफिया सूचना से मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के निर्देश और एसडीपीओ अभिषेक आनंद के नेतृत्व में पुलिस ने मोबाइल टावर डंप डेटा और गुप्तचर सूचनाओं को खंगाला। जांच के दौरान शक की सुई मृतक के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाली और पड़ोस में रहने वाली महिला देवी श्री रक्षित पर जाकर टिक गई।
आरोपी महिला ने कबूला जुर्म
पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी देवी श्री रक्षित को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान महिला ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिन्हें इस हत्याकांड की साजिश से जुड़े अहम साक्ष्य माना जा रहा है।
अंधेरा होने पर बाहर फेंका गया था शव
मृतक के पिता सिमेश्वर तांती के आवेदन पर जमालपुर थाना में कांड संख्या 60/26 दर्ज किया गया है। मामले का खुलासा करते हुए एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने बताया कि रंजीत कुमार की मौत 13 मार्च को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच हो गई थी। इसके बाद आरोपी महिला ने अंधेरा होने पर शव को घर के बाहर गिरा हुआ दिखाने के लिए छोड़ दिया था।
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कहासुनी और हाथापाई में हुई घटना
पुलिस के अनुसार मृतक और आरोपी महिला के बीच कहासुनी और हाथापाई के दौरान यह घटना हुई। एसडीपीओ ने कहा कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून की नजरों से बच नहीं सकता।