साल 2024 में शेखपुरा जिले के सदर अस्पताल ने नंबर-1 रैंक हासिल करते हुए सभी को चौंका दिया था। उस वक्त सदर अस्पताल में व्यवस्था भी ठीक-ठाक थी। लेकिन कुछ ही दिनों में सदर अस्पताल की स्थिति बद से बदतर हो गई है। अक्सर अस्पताल से डॉक्टर और कर्मी फरार रहने लगे हैं, जिस कारण मरीज सरकारी अस्पताल के बजाय प्राइवेट अस्पताल की ओर रुख करने लगा है। इसकी शिकायत लगातार डीएम को भी मिल रही थी। लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी अस्पतालों की झूठी तस्वीर दिखाकर डीएम को दिग्भ्रमित कर रहे थे। जब एकाएक बिना सूचना के डीएम ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण तो उनकी आंखें खुली की खुली रह गई।
गुरुवार को जिला पदाधिकारी आरिफ अहसन के द्वारा सदर अस्पताल, जीएनएम कॉलेज का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार के साथ डॉक्टरों में डॉ. रवि रंजन, डॉ. निखत परवीन, डॉ. सुनीला कुमारी और डॉ. प्रियंका कुमारी के साथ ही कई अन्य कर्मी भी ड्यूटी से गायब रहे। इसमें परिचारिका पुनम कुमारी, सुमित कुमार इत्यादि शामिल हैं। हालांकि, डीएम के निरीक्षण की खबर सुनकर सिविल सर्जन दौड़ते हुए सदर अस्पताल पहुंचे। लेकिन तब तक डीएम औचक निरीक्षण कर अस्पताल से बाहर निकल रहे थे। इसके साथ ही डीएम के द्वारा सदर अस्पताल की साफ सफाई की भी समीक्षा की गई, जहां बेड इत्यादि की खराब स्थिति को देखते हुए उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने जल्द ही वहां साफ-सफाई भी कराने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया है। साथ ही आगे से इस तरह की स्थिति पाए जाने पर उन्होंने बड़ी कार्रवाई की बात भी कही है। कई छात्राएं रोस्टर के हिसाब सदर अस्पताल से गायब पाए गए। उन्होंने स्वयं काउंटर पर खड़े होकर वहां की पंजीकरण प्रक्रिया को देखते हुए उसे और सरल बनाने के लिए प्रयास करने को कहा है। मौके पर एसडीएम सियाराम सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह, अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार आदि शामिल रहे।
डीएम ने सदर अस्पताल में रोस्टर बनाकर ड्यूटी लगाने का निर्देश
वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र में निरीक्षण के दौरान डॉ. शंभू शरण पाण्डेय अनुपस्थित पाए गए। साथ ही स्वास्थ्य उपकेंद्र के शोभा कुमारी, कविता कुमारी, रोमा कुमारी, सर्वेश्वर कुमार और डॉ. सुनील चंद्र राय, मो. मुसरत अली अनुपस्थित मिले। वहीं, पूजा कुमारी, नेहा कुमारी और रामसखी कुमारी ये सब विलम्ब से कार्यालय पहुंचे। अस्पताल की साफ-सफाई बहुत ही दयनीय रहने के कारण संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही पीएचसी प्रभारी पर स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया है। जीएनएम कॉलेज का भी औचक निरीक्षण किया गया। इसके अलावा सदर अस्पताल में रोस्टर बनाकर ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि पूर्व में भी उनके द्वारा सभी को ससमय कार्यालय में अनुपस्थित रहने का आदेश दिया गया है। इसी क्रम में उनके द्वारा समय-समय पर विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण लगातार किया जाता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भी सुविधाएं बढ़ाने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया है। मरीजों एवं उनके परिजनों को किसी भी प्रकार को दिक्कत न हो, यही प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सभी चिकित्सक एवं सहयोगी कर्मियों को आगे समय से अपने निर्धारित रोस्टर पर उपस्थित रहने का आदेश दिया है। साथ ही साफ-सफाई की स्थिति को और बेहतर बनाने का आदेश भी उनके द्वारा दिया गया है।