बछवाड़ा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा मामला
- फोटो : Amar Ujala
मां को क्या पता था कि बेटे को खाना खाने के लिए जगाने का यह सफर उसकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक पल बन जाएगा। बछवाड़ा थाना क्षेत्र में दोपहर के वक्त मां प्रिंस को खाना खाने के लिए जगाने उसके कमरे में गईं। दरवाजा खोलते ही सामने का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। प्रिंस पंखे से लटका हुआ था। बेटे को इस हालत में देखकर मां की चीख निकल पड़ी। चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में युवक को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
15 साल से पिता का कोई अता-पता नहीं
ग्रामीणों के मुताबिक, प्रिंस के पिता करीब 15 साल पहले घर छोड़कर चले गए थे। इसके बाद उन्होंने परिवार की सुध नहीं ली। चाचा और दादा ही प्रिंस समेत उसके भाइयों की देखभाल कर रहे थे। पिछले साल दादा की भी मौत हो गई। चार भाइयों में सबसे बड़ा प्रिंस मजदूरी करके परिवार की आर्थिक मदद करता था। उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रेम प्रसंग या बीमारी... आखिर क्यों उठाया इतना बड़ा कदम?
प्रिंस की मौत के बाद गांव में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ ग्रामीण प्रेम प्रसंग को लेकर तनाव की बात कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों के अनुसार प्रिंस को अक्सर मिर्गी के दौरे पड़ते थे और दौरे के दौरान वह अचानक गिर जाता था। हालांकि, प्रेम प्रसंग या बीमारी को मौत की वजह मानने की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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पुलिस जांच में खुलेगा मौत का राज
सूचना मिलते ही बछवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय भेज दिया। थानाध्यक्ष विकास कुमार राय ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।