मंत्री श्रवण कुमार ने जीविका दीदियों को दिया ऋण
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शेखपुरा में मंगलवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार शेखपुरा पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। डीएम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसके बाद मंत्री ने ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की। हालांकि, योजनाओं की समीक्षा के बावजूद मंत्री ने जमीनी हकीकत का निरीक्षण नहीं किया, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था की असल स्थिति सामने नहीं आ सकी। अगर निरीक्षण होता, तो कई खामियों का खुलासा हो सकता था। बैठक के दौरान मंत्री अपने स्वागत सत्कार में मग्न दिखाई दिए और कार्यक्रम समाप्ति के बाद वापस लौट गए।
बैठक के दौरान योजनाओं की समीक्षा
मंत्री श्रवण कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना, मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना, इंदिरा आवास योजना और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान जैसी योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने लंबित आवेदनों का एक सप्ताह में निपटारा करने का निर्देश दिया। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक धरातल पर क्या हाल है, इसका जायजा लेने से मंत्री ने परहेज किया। अगर निरीक्षण होता तो अधिकारियों की लापरवाही भी उजागर हो सकती थी।
मनरेगा और रोजगार पर निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने मनरेगा योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि रोजगार मांगने वाले आवेदकों को समय पर काम उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण में आईसीडीएस से समन्वय स्थापित करने और सभी पंचायतों में खेल के मैदान विकसित करने का निर्देश दिया। साथ ही, जल संरक्षण के लिए अमृत सरोवर योजना को बढ़ावा देने, सोख्ता निर्माण, तालाबों और अन्य जलस्रोतों के जीर्णोद्धार पर भी जोर दिया।
जीविका दीदियों को ऋण और रोजगार के अवसर
मंत्री श्रवण कुमार ने ज्यादा से ज्यादा जीविका दीदियों को बैंक से ऋण दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं के लिए आयोजित रोजगार मेलों में भागीदारी बढ़ाने की बात कही। मंत्री ने जीविका परियोजना के अंतर्गत 22 स्वयं सहायता समूहों और 78 ग्राम संगठनों को दो करोड़ 35 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की। इसके अलावा 13 करोड़ 72 लाख रुपये की ऋण सहायता भी प्रदान की गई। मंत्री ने समाधान केंद्रों के निर्माण का भी निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका से जुड़ी सही जानकारी मिल सके।
भव्य स्वागत के बीच वास्तविक समस्याएं बनीं अनदेखी
मंत्री के स्वागत में पूरा प्रशासनिक तंत्र लगा रहा, लेकिन जनता की वास्तविक समस्याओं और योजनाओं की स्थिति का आकलन करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। इससे जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या मंत्री का कार्य केवल बैठकों तक सीमित है?