जमीन मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। ज़िला प्रशासन द्वारा भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता और त्रुटि सुधार को लेकर एक विशेष राजस्व महाअभियान शुरू किया जा रहा है। सोमवार को समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में जिलाधिकारी तुषार सिंगला की अध्यक्षता में इस अभियान की तैयारी को लेकर बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव जाकर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस अभियान को सफल बनाएं। डीएम ने कहा कि यह अभियान आम लोगों के लिए बेहद लाभकारी होगा, क्योंकि इसमें जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की अशुद्धियां मौके पर ही ठीक की जाएंगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देशानुसार यह महाअभियान तीन चरणों में चलाया जाएगा। पहला चरण 18 जुलाई से 14 अगस्त 2025 तक चलेगा। दूसरा चरण 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक चलेगा और तीसरा चरण 21 सितंबर से 30 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। प्रत्येक अंचलाधिकारी और भूमि सुधार उपसमाहर्ता को अपने क्षेत्र के लिए माइक्रो-प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सभी कार्य सुनियोजित ढंग से पूरे किए जा सकें।
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जिलाधिकारी तुषार सिंगला ने बताया कि इस विशेष महाअभियान का उद्देश्य लोगों के दरवाजे तक जाकर भूमि से जुड़े दस्तावेजों की त्रुटियों को सुधारना है। इसके तहत डिजिटाइज्ड (ऑनलाइन) जमाबंदी में परिमार्जन यानी नाम, खाता, खेसरा, रकबा और लगान आदि में हुई त्रुटियों का सुधार किया जाएगा।
उत्तराधिकार नामांतरण की प्रक्रिया में रैयत की मृत्यु के बाद वंशावली के आधार पर उत्तराधिकारियों के नाम पर जमाबंदी कराई जा सकती है। वहीं बंटवारा नामांतरण के तहत संयुक्त जमाबंदी के हिस्सेदारों के बीच आपसी सहमति, रजिस्ट्री या न्यायालय के आदेश के आधार पर अलग-अलग जमाबंदी दर्ज कराई जा सकती है।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया है कि महाअभियान शुरू होने के बाद प्रत्येक दिन आयोजित शिविरों से संबंधित कार्यों की ऑनलाइन रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को भेजी जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित की जा सके।