डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है, लेकिन आए दिन इनकी करतूतों से मरीजों की जान चली जाती है। एक बार शेखपुरा में धरती के भगवान के कारण दुर्घटना में घायल रिटायर्ड चौकीदार की जान चली गई है। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, दूसरी ओर डॉक्टर के पक्ष अपने आपको पाक साफ बताने में जुटी हुई है।
बता दें कि शेखपुरा सदर अस्पताल में सिर्फ कहने को है। यहां मामूली रूप से घायलों मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। इसके पूर्व भी यहां के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगते रहे है, लेकिन डॉक्टरों की पहुंच के कारण शेखपुरा के डीएम भी मौन व्रत धारण किये रहते हैं।
शेखपुरा-बरबीघा एनएच 333-एच पर एक अज्ञात वाहन की चपेट में आकर बाइक पर सवार सदर प्रखंड के पैन गांव निवासी 60 वर्षीय रिटायर्ड चौकीदार गणेश झा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसे यातायात थाना पुलिस ने सदर अस्पताल में पहुंचाया गया। इस दौरान जख्मी चौकीदार काफी देर से घायल दर्द से छटपटाते रहें, किन्तु ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रियरंजन इलाज करने की बजाय घायल को तड़पता छोड़ ड्रेसिंग रूम से बाहर निकल गए।
हंगामा मचाने पर पहुंचे डॉक्टर
डॉक्टर द्वारा इलाज नहीं किया जाने पर मरीज के परिजनों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने डॉ. प्रियरंजन को घायल का इलाज करने को कहा। उसके बाद हरकत में आए डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर घायल चौकीदार को पावापुरी रेफर कर दिया। जहां पहुंचने से पूर्व ही घायल व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक का शव पोस्टमॉर्टम हेतु सदर अस्पताल लाया गया।
परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप
जहां परिजनों ने सदर अस्पताल में तैनात डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते इलाज किया जाता तो चौकीदार गणेश झा को बचाया जा सकता था। इधर, डॉक्टर के बचाव के पक्ष में एसीएमओ डॉ.अशोक सिंह ने अपने आपको पाक साफ बताते हुए कहा कि डयूटी पर तैनात डॉ. प्रियरंजन और नर्सों के द्वारा इलाज किया गया है। गंभीर रहने पर ही उसे पावापुरी रेफर किया गया था, जिसकी रास्ते में ही मौत हो गई।