बिहार में बेटियों और महिलाओं के खिलाफ हो रही घटनाओं को लेकर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राज्य में कानून का राज कायम है। उन्होंने कहा कि जो भी कानून को हाथ में लेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अपराधी चाहे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार के इकबाल पर उठ रहे सवालों को लेकर अशोक चौधरी ने कहा कि आज जो लोग सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें अपने समय की बिहार की परिस्थितियों को भी याद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का इकबाल है और आगे भी कायम रहेगा। हाल में जमुई और समस्तीपुर में हुई घटनाओं में प्रशासन ने 12 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अपराधियों पर लगाम ये नीतीश कुमार की परंपरा है
अमेरिका और लंदन में भी होती हैं घटनाएं
घटनाओं को लेकर यह सवाल पूछे जाने पर अशोक चौधरी ने कहा कि घटनाएं अमेरिका और लंदन में भी होती हैं। कोई भी देश का राष्ट्रपति यह नहीं कह सकता कि उसके देश में कोई घटना नहीं होगी। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण यह है कि घटना होने के बाद सरकार और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
शांभवी चौधरी ने कहा कि युवा राज्य और देश का भविष्य हैं। युवाओं द्वारा अपराध करने, उसका वीडियो बनाने और फिर उसे ऑनलाइन प्रसारित करने का पैटर्न बेहद खेदजनक है। उन्होंने ऐसी घटनाओं की कड़ी निंदा की।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार पुलिस और समस्तीपुर पुलिस को आरोपियों की सक्रियता से गिरफ्तारी के लिए धन्यवाद दिया। शांभवी चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में अपराध और अपराधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की जो नीति स्थापित हुई थी, वह मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जारी है।
उन्होंने कहा कि अपराधियों को किसी तरह का संरक्षण नहीं दिया जाता। महिलाओं की सुरक्षा के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों को जहां भी छिपे होंगे, वहां से तलाश कर निकाला जाएगा और उनके अपराध के लिए सजा सुनिश्चित की जाएगी।
शांभवी चौधरी ने ऐसे जघन्य अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जब तक देशभर में ऐसे अपराधों के लिए मृत्युदंड की मांग नहीं होगी, तब तक स्थिति में जरूरी सुधार नहीं आएगा। उनके मुताबिक, कई लोगों को लगता है कि छेड़छाड़ जैसे अपराध के बाद कुछ दिन जेल में रहने या जुर्माना भरने के बाद वे बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों को लेकर सख्त सजा का प्रावधान जरूरी है, ताकि अपराधियों में कानून का भय पैदा हो।