मुंगेर जिले में बाढ़ की स्थिति विकराल रूप ले चुकी है। गंगा नदी खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बरियारपुर प्रखंड के कई पंचायत बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं, जबकि जिले के अन्य कई प्रखंड भी पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।
ताजा मामला बरियारपुर प्रखंड के ब्रह्मस्थान का है, जहां मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य छतरी साहनी मछली पकड़ने के दौरान करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक के पांच पुत्र और एक पुत्री हैं। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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दूसरी घटना बरियारपुर के रघुनाथपुर निवासी रंजीत मंडल के 3 वर्षीय पुत्र अंकुश कुमार की है। अंकुश अपनी मां के साथ नानी के घर कल्याण टोला आया था। घर के पीछे फैले बाढ़ के पानी में खेलने के दौरान वह डूब गया। काफी मशक्कत के बाद नानी सीता देवी और ग्रामीणों ने उसे खोजा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
परिजनों ने बताया कि अंकुश रक्षाबंधन के दिन अपनी बहन को राखी बांधने के लिए आया था। खेलते-खेलते वह अचानक पानी में गिर गया और डूब गया। एक दिन पहले भी जिले के अलग-अलग स्थानों पर बाढ़ के पानी में डूबने से दो लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस ने दोनों घटनाओं की जांच शुरू कर दी है।