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Bihar News: लोक गायिका शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि, जुबली हॉल में उमड़ा शोक का सागर

Sun, 17 Nov 2024 08:31 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय

सार

Tribute To Sharda Sinha: मटिहानी विधायक राजकुमार ने कहा कि शारदा सिन्हा ने न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश को अपने संगीत के माध्यम से प्रेरित किया। उनके गीतों ने बिहार की संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी।
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बिहार कोकिला शारदा सिन्हा को दी गई विनम्र श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री और पद्म भूषण शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि देने के लिए बेगूसराय के बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप के जुबली हॉल में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में बिहार की राजनीति, पत्रकारिता और समाजसेवा के कई दिग्गज शामिल हुए। 

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बिहार कोकिला की संगीत यात्रा को किया याद 
सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अभिरंजन ने कहा कि शारदा सिन्हा के निधन से देश और बिहार की लोक संस्कृति को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी आवाज में बिहार की आत्मा बसती थी। सभा में उपस्थित लोग उनकी यादों और गीतों को साझा करते हुए भावुक हो गए। पूर्व एमएलसी रजनीश कुमार ने कहा कि शारदा सिन्हा बेगूसराय की बहू थीं। उन्होंने अपनी सुरमई आवाज से बिहार को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई। छठ जैसे लोक आस्था के पर्व पर उनके गीत अमर रहेंगे। मटिहानी विधायक राजकुमार ने कहा कि शारदा सिन्हा ने न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश को अपने संगीत के माध्यम से प्रेरित किया। उनके गीतों ने बिहार की संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी। नगर विधायक कुंदन सिंह और एमएलसी सर्वेश सिंह ने भी लोक संगीत में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। 
 

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बिहार कोकिला शारदा सिन्हा ने पांच नवंबर को कहा अलविदा - फोटो : अमर उजाला
शारदा सिन्हा का अवसान और राजकीय सम्मान
लोक गायिका शारदा सिन्हा का पांच नवंबर 2024 को छठ महापर्व के नहाय-खाय के दिन दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया था। उनके निधन से न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर फैल गई। छह नवंबर को उनका पार्थिव शरीर पटना लाया गया, जहां राजेंद्र नगर स्थित उनके आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कई गणमान्य नेता और लोग पहुंचे। सात नवंबर को पटना के गुलबी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे अंशुमान ने मुखाग्नि दी। 
 
बिहार के लोक संगीत का अद्वितीय चेहरा 
शारदा सिन्हा को उनके गीतों के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को देश और दुनिया तक पहुंचाने का श्रेय दिया जाता है। छठ गीत ‘पाहिले पाहिल हम कइनी छठी मइया व्रत तोहार’ और ‘कांच ही बांस के बहंगिया’ जैसे लोकगीतों के बिना छठ पर्व अधूरा माना जाता है। 
 
श्रद्धांजलि सभा में पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, मटिहानी विधायक राजकुमार, नगर विधायक कुंदन सिंह, एमएलसी सर्वेश सिंह और पूर्व एमएलसी रजनीश कुमार सहित कई अन्य सम्मानित लोग उपस्थित रहे। 
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