बिहार कोकिला शारदा सिन्हा ने पांच नवंबर को कहा अलविदा
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शारदा सिन्हा का अवसान और राजकीय सम्मान
लोक गायिका शारदा सिन्हा का पांच नवंबर 2024 को छठ महापर्व के नहाय-खाय के दिन दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया था। उनके निधन से न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर फैल गई। छह नवंबर को उनका पार्थिव शरीर पटना लाया गया, जहां राजेंद्र नगर स्थित उनके आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कई गणमान्य नेता और लोग पहुंचे। सात नवंबर को पटना के गुलबी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे अंशुमान ने मुखाग्नि दी।
बिहार के लोक संगीत का अद्वितीय चेहरा
शारदा सिन्हा को उनके गीतों के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को देश और दुनिया तक पहुंचाने का श्रेय दिया जाता है। छठ गीत ‘पाहिले पाहिल हम कइनी छठी मइया व्रत तोहार’ और ‘कांच ही बांस के बहंगिया’ जैसे लोकगीतों के बिना छठ पर्व अधूरा माना जाता है।
श्रद्धांजलि सभा में पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, मटिहानी विधायक राजकुमार, नगर विधायक कुंदन सिंह, एमएलसी सर्वेश सिंह और पूर्व एमएलसी रजनीश कुमार सहित कई अन्य सम्मानित लोग उपस्थित रहे।