पूर्व मंत्री के शव को सलामी देते पुलिस पदाधिकारी
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जमुई जिले के सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रामेश्वर पासवान को गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 92 वर्षीय रामेश्वर पासवान के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पटना से उनका पार्थिव शरीर सिकंदरा पहुंचते ही जनसैलाब उमड़ पड़ा और लोग अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए टूट पड़े।
आवास पर उमड़ा जनसैलाब
सिकंदरा स्थित उनके आवास पर पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां समर्थकों और आम लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। पूरा माहौल गमगीन था और हर आंख नम दिखाई दे रही थी। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे और उनके योगदान को याद किया।
नेताओं और अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर झाझा विधायक दामोदर रावत, जदयू जिलाध्यक्ष शैलेंद्र महतो, जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि गुड्डू यादव सहित कई जनप्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं एडीएम रविकांत सिन्हा, एसडीओ सौरभ कुमार, एसडीपीओ सतीश सुमन, बीडीओ अतुल प्रसाद और थानाध्यक्ष विकास कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव नौआडीह ले जाया गया, जहां रास्ते भर लोग अंतिम दर्शन के लिए सड़क किनारे खड़े रहे। नौआडीह में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, पुलिस जवानों ने राइफल झुकाकर सलामी दी। बाद में उनकी मां के स्मारक के पास अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। रामेश्वर पासवान का जीवन सादगी, विनम्रता और जनसेवा का प्रतीक माना जाता है।