शहर के नगर थाना क्षेत्र के गढ़ीविशनपुर गांव में सगे भाई की हत्या कर शव को घर के अंदर ही दफनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी माधो उर्फ मकेश्वर यादव को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर घर के अंदर खुदाई कर 45 वर्षीय साधु यादव का शव बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में जमीन विवाद को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, हत्या के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
मारपीट के दौरान मौत का दावा, डर के कारण घर में दफनाया शव
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब पांच दिन पहले उसके और उसके भाई साधु यादव के बीच मारपीट हुई थी। इसी दौरान साधु की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पकड़े जाने के डर से शव को छिपाने के लिए कमरे के अंदर ही गहरा गड्ढा खोदा और उसमें शव दफना दिया।
एनएच किनारे की जमीन बेचने के बाद बढ़ा था दोनों भाइयों में विवाद
जानकारी के मुताबिक, दोनों भाई मूल रूप से लखीसराय शहर के इंग्लिश मोहल्ला के रहने वाले थे। दोनों ने गढ़ीविशनपुर से किऊल स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क पर स्वास्थ्य उपकेंद्र के पास अपना निजी मकान बना रखा था। दोनों भाई इसी मकान में साथ रहते थे।
बताया जा रहा है कि एनएच किनारे की जमीन बेचने के बाद दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया था। पुलिस इसी जमीन विवाद को हत्या की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जमीन विवाद ही हत्या की वास्तविक वजह थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पहले भी साधु से मारपीट करने का लगाया गया था आरोप
मृतक की चाची ने आरोप लगाया है कि माधो उर्फ मकेश्वर पहले भी साधु यादव के साथ मारपीट कर चुका था। दोनों भाई अविवाहित थे और एक साथ रहते थे। साधु के कई दिनों तक दिखाई नहीं देने के बाद परिजनों को शक हुआ।
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घर की खुदाई, जमीन के नीचे मिला शव
पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घर के अंदर खुदाई कराई। कई घंटे की कार्रवाई के बाद जमीन के नीचे से साधु यादव का शव बरामद किया गया। शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घटनास्थल से एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि साधु यादव की हत्या किस तरीके से की गई। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं और शव को घर के अंदर दफनाने में आरोपी की किसी ने मदद की थी या नहीं।
हत्या के तरीके से लेकर अन्य लोगों की भूमिका तक जांच
पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि हत्या के बाद शव को दफनाने की योजना कब बनाई गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संभावित संलिप्तता थी या नहीं।
फिलहाल आरोपी माधो उर्फ मकेश्वर यादव पुलिस की हिरासत में है। पुलिस उसके बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है। हत्या की वास्तविक वजह और घटना में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।