बेगूसराय में होमगार्ड के चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर समाहरणालय परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। तीन दिनों तक धरना देने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो 147 अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठ गए, जिनमें 97 युवक और 50 युवतियां शामिल हैं।
बिहार के बेगूसराय में होली से पहले समाहरणालय पर जोरदार आंदोलन शुरू हो गया है। रविवार को होमगार्ड के चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया और आमरण अनशन में बदल गया।
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तीन दिनों तक होमगार्ड कार्यालय पर धरना देने के बाद भी जब उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो अभ्यर्थियों ने समाहरणालय परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया।
147 अभ्यर्थी बैठे भूख हड़ताल पर
जानकारी के अनुसार, कुल 147 अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें 97 युवक और 50 युवतियां शामिल हैं। ये सभी होमगार्ड में चयनित और पास अभ्यर्थी हैं। उनके अन्य साथी भी अनशन स्थल पर डटे हुए हैं। सैकड़ों अभ्यर्थी और उनके परिजन समर्थन में मौके पर मौजूद हैं। भीड़ की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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दस्तावेज सत्यापन और प्रक्रिया पूरी, फिर भी नहीं मिली प्रशिक्षण तिथि
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे सभी नव-नियुक्त और चयनित गृह रक्षक हैं। उनका दस्तावेज सत्यापन, पुलिस सत्यापन और प्रशिक्षण से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रशिक्षण किट भी दे दी गई है। इसके बावजूद अब तक बुनियादी प्रशिक्षण के लिए कोई तिथि तय नहीं की गई है। इसी वजह से अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश है।
अन्य जिलों में ज्वाइनिंग, बेगूसराय में देरी पर सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता अंकित कुमार के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में अभ्यर्थियों ने कहा कि बिहार के अन्य जिलों में चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग हो चुकी है। ऐसे में बेगूसराय के चार सौ से अधिक अभ्यर्थियों को अब तक प्रशिक्षण के लिए क्यों नहीं भेजा गया। उनका कहना है कि नौकरी नहीं मिलने से उनके परिवार आर्थिक संकट में हैं। होली जैसे त्योहार की खुशियां भी फीकी पड़ गई हैं।
लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा आंदोलन
अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता या प्रशिक्षण की तिथि घोषित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे आंदोलन के और उग्र होने की संभावना जताई जा रही है।