बिहार के बेगूसराय जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले बहुचर्चित हत्याकांड में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपने ही पुत्र की हत्या के दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद पूरे इलाके में न्यायिक कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, तेघड़ा थाना क्षेत्र के पिढौली वार्ड-03 निवासी सुधीर कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा के साथ 15,000 का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जुर्माना राशि जमा नहीं करता है, तो उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत की अदालत ने सत्र वाद संख्या 371/2021 (तेघड़ा थाना कांड संख्या 217/2019) में सुनाया।
भूंजा खाते समय बेटे पर किया था जानलेवा हमला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 9 जून 2019 की शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच मृतक आलोक कुमार उर्फ सचिन अपने घर के बाहर बैठकर भूंजा खा रहा था। उसी दौरान उसका पिता सुधीर कुमार पीछे से आया और तेज धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। अचानक हुए इस हमले में आलोक कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था।
जमीन बेचने और नशे की लत बना हत्या का कारण
मृतक की पत्नी आभा देवी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में बताया गया कि आरोपी सुधीर कुमार शराब और ताड़ी का आदी था। उसने घटना से कुछ समय पहले एक जमीन बेच दी थी और उसकी पूरी राशि नशे में खर्च कर दी थी। इसके बाद वह दूसरी जमीन बेचने की योजना बना रहा था, जिसका परिवार के सदस्य विरोध कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर उसने अपने ही पुत्र की हत्या कर दी।
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सात गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाई सजा
मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक संतोष कुमार ने अदालत के समक्ष सात गवाह पेश किए, जिनमें मृतक की मां, पत्नी, भाई, पड़ोसी, चिकित्सक और अनुसंधानकर्ता शामिल थे। गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 27 अप्रैल को आरोपी को दोषी करार दिया था। इसके बाद 29 अप्रैल को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने मृतक की पत्नी को मुआवजा दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।