मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप जारी है। गंगा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के छह प्रखंडों के 253 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और करीब ढाई लाख की आबादी प्रभावित है।
बाढ़ से विस्थापित लोग प्रशासन के आश्रय स्थलों, सड़कों और रेलवे ट्रैक पर शरण लिए हुए हैं। जिला प्रशासन ने 41 स्थानों पर सामुदायिक रसोई, पेयजल, दवा और मवेशियों के लिए चारा की व्यवस्था की है, लेकिन ये सुविधाएं सभी प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
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इसी अव्यवस्था से आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने बुधवार को जमालपुर प्रखंड के अंतर्गत उदयपुर के पास मुंगेर–बरियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-80) को जाम कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि उनके घर पिछले 15 दिनों से पानी में डूबे हैं, लेकिन अब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है।
जाम कर रहे शैलेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ वोट लेने के समय हम तक पहुंचती है। जब हम आपदा से जूझ रहे हैं, तो कोई देखने तक नहीं आया। यदि यही रवैया रहा तो इस बार हम सत्ता परिवर्तन कर देंगे। करीब आधे घंटे तक चले इस जाम के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन बाधित रहा। बाद में गांव के वरिष्ठ लोगों के समझाने पर बाढ़ पीड़ितों ने जाम समाप्त कर दिया।